बिलासपुर : बिलासपुर में कोरोना से जान गंवाने वाले परिवार के सदस्यों को 50 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि मिलने लगी है। यह राशि गरीब परिवारों के लिए राहत से कम नहीं है। जिले में 1539 लोगों को कोरोना से मौत हुई थी। जिसमें से एक हजार 35 ने ही मुआवजा लेने के लिए आवेदनपत्र जमा किया है। अब तक 618 लोगों के परिजन को 3 करोड़ 9 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। सोमवार को एक ही दिन में 124 लोगों के खाते में रकम ट्रांसफर कराया गया। जानकारी के मुताबिक, मुआवजे के लिए कोरोना से मृत व्यक्ति के परिजनों को 50 हजार रुपए चेक के जरिए उनके खातों में जमा जा रहे हैं। तहसील कार्यालय में अभी 417 आवेदन पेंडिग पड़े हैं। जिनका जल्द ही निराकरण करने की बात कही जा रही है। शासन के निर्देश पर तहसील कार्यालय के कानूनगो शाखा में परिजनों ने आवेदन जमा किया है। जिसका परीक्षण कराने के बाद मृत व्यक्तियों के परिजनों, आश्रितों को राज्य आपदा मोचन निधि से निर्धारित राशि 50 हजार रुपए दिया जाना है।
60 आवेदन में बैंक खाता नंबर गलत
तहसील कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना से मृत व्यक्तियों के परिजनों ने जो आवेदनपत्र जमा किया था उसमें 60 लोगों के दस्तावेजों में बैंक खाता नंबर ही गलत मिला है। ऐसे में उन आवेदनपत्रों को अलग कर दिया गया है। साथ ही संबंधित परिजनों/ आश्रितों से संपर्क कर उन्हें इसकी जानकारी दी जा रही है। सही खाता नंबर जमा कराने पर उनका भुगतान किया जाएगा।
दूसरे जिले के हैं 103 आवेदनपत्र
तहसील कार्यालय में मिले 1035 आवेदनपत्रों की जांच की गई तो पता चला कि इसमें से 103 आवेदनपत्र ऐसे हैं जो दूसरे जिले के निवासी के है। एसडीएम पुलक भटाचार्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन आवेदनों को संबंधित जिलों के तहसील कार्यालय में भेजकर उनका निराकरण किया जाए। ताकि परिजनों / आश्रितों को मुआवजे की राशि मिलने में परेशानी न हो।
राशि लेना नहीं चाहते कई परिवार
अधिकारियों ने बताया कि आवेदनपत्र किए हुए कई परिवारों ने यह भी कहा कि उन्हें शासन के मुआवजा राशि की आवश्यकता नहीं है। हालॉकि, उन्होंने आवेदनपत्र जमा कर दिया है। इसलिए उनके खातों में भी शासन के निर्देश अनुसार 50-50 हजार रुपए की मुआवजा राशि की जमा कराया जा रहा है।
नहीं मिल रहे कइयों के परिवार
SDM पुलक भट्टाचार्य ने बताया कि जब आवेदनपत्र जमा कराए जा रहे थे, तब स्वास्थ्य विभाग से भी कोरोना से मरने वाले परिवारों की जानकारी जुटाई गई। इनमें कई परिवार को उनके मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। लेकिन, उनका मोबाइल बंद मिल रहा है। इस पर सर्वे भी कराया गया। लेकिन, इसके बाद भी उनका पता नहीं चल सका है। ऐसे में इन परिवार की राशि अभी रोक दी गई है।
सूची से अलग मिले 50 से अधिक परिवार
SDM ऑफिस में 50 से अधिक ऐसे आवेदनपत्र भी जमा हुए हैं, जिनका नाम स्वास्थ्य विभाग की सूची में नहीं है। ऐसे लोगों के आवेदनपत्रों का परीक्षण कराया जा रहा है। उनके दस्तावेजों के आधार पर संबंधित अस्पताल से रिकार्ड भी मंगाए गए हैं। SDM पुलक भट्टाचार्य का कहना है कि वे ऐसे लोग हो सकते हैं, जिन्हें कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट नहीं मिली होगी और परिवार के सदस्यों की मौत हो गई होगी। इन आवेदनपत्रों की जांच के बाद राशि जारी किए जाएंगे।
कोरोना से मरने वाले परिवार के एक हजार 35 ने जमा किया है आवेदन, 618 परिवार को मिले 3 करोड़ 39 लाख रुपए

