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जनवरी 2021 से अबतक कब-कब बढ़े LPG सिलेंडर के दाम, पहले से कितनी बढ़ गई कीमतें

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नई दिल्ली : एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि जारी है. अक्टूबर महीने की शुरुआत में रसोई गैस एलपीजी की कीमत में 15 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गईं. सब्सिडी वाले और गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी की कीमतें बढ़ाई गईं. इसके साथ 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत में जुलाई से अब तक कुल 90 रुपये बढ़ाए गए हैं.

मौजूदा समय में दिल्ली और मुंबई में अब रसोई गैस की कीमत 899.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है. वहीं कोलकाता में यह 926 रुपये है. सरकार ने समय-समय पर वृद्धि करके ज्यादातर शहरों में एलपीजी पर सब्सिडी को समाप्त कर दिया है. आम परिवार, जो एक साल में रियायती दरों पर 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडर का हकदार है, और मुफ्त कनेक्शन पाने वाले उज्ज्वला योजना लाभार्थी, अब बाजार मूल्य का भुगतान करते हैं. पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 502 रुपये हो गई है.

कब घटे थे दाम
जुलाई के बाद से रसोई गैस की कीमतों में यह चौथी वृद्धि है. जुलाई में कीमतों में 25.50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद 17 अगस्त और एक सितंबर को 25-25 रुपये की बढ़ोतरी की गई. सितंबर महीने में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 884.50 रुपये थे जो सब्सिडी और गैर-सब्सिडी सिलेंडर पर बराबर थे. साल 2021 में सिलेंडर के सबसे कम दाम की बात करें तो यह अप्रैल, मई और जून में स्थिर था जब एक LPG cylinder की कीमत 809.00 रुपये थी. यह वही दौर था जब देश में कोरोना का प्रकोप चरम पर था. साल 2021 में सिलेंडर की यह सबसे कम दर रही है.

बड़े शहरों में रहने वाले अधिकांश लोगों के लिए रसोई गैस की सप्लाई या कनेक्शन लेना आसान है. भारत सरकार हर महीने रसोई गैस की कीमतों में संशोधन करती है. कॉमर्शियल और घरेलू खर्च के लिए गैस के उपयोग में पिछले कुछ वर्षों में काफी वृद्धि हुई है. नई दिल्ली में एलपीजी की कीमतें डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दर पर निर्भर हैं. एक साल में 12 सिलेंडर रियायती दर पर खरीदे जा सकते हैं. पहले सरकार इस पर सब्सिडी देती थी, लेकिन अब कुछ इलाकों को छोड़ दें तो सब्सिडी खत्म कर दी गई है.

इस साल कितनी बढ़ीं कीमतें
जनवरी 2021 से अक्टूबर 2021 तक एलपीजी सिलेंडर (LPG cylinder) के दाम में 8 बार वृद्धि दर्ज की गई है. सबसे कम दाम अप्रैल-मई-जून में थे तो सबसे अधिक अक्टूबर में दर्ज किए गए हैं. अप्रैल में 809 रुपये तो अक्टूबर में 899 रुपये सिलेंडर की दर है. जनवरी में 694 रुपये, फरवरी में 769 रुपये, मार्च में 819 रुपये, अप्रैल में 809 रुपये, मई में 809 रुपये, जून में 809 रुपये, जुलाई में 834 रुपये, अगस्त में 859.50 रुपये, सितंबर में 854.50 रुपये और अक्टूबर में 899.50 रुपये रहे. इन महीनों में अप्रैल ऐसा महीना है जिसमें सरकार ने प्रति सिलेंडर 10 रुपये की कटौती की. तब 819 रुपये का सिलेंडर 809 रुपये का हो गया. यही भाव जून तक रहा लेकिन जुलाई में 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई. अक्टूबर में 15 रुपये दाम बढ़ाए गए.

कब बहाल होगी सब्सिडी
मीडिया में ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि सरकार सब्सिडी बहाल करने को लेकर सर्वे करा रही है. कितनी सब्सिडी दी जाए या कब इसे शुरू करना चाहिए, इस बारे में सर्वे का काम चल रहा है. सरकार इस बारे में जानना चाह रही है कि अधिकांश कीमत क्या तय की जाए जो ग्राहकों के लिए उचित हो और सिलेंडर खरीदने में कोई असुविधा न हो. एक विकल्प यह भी बताया जा रहा है कि सरकार सब्सिडी का लाभ पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों तक की सीमित रख सकती है. उससे ऊपर के ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा. सरकार ने मई 2020 से सब्सिडी रोक दी है. उस वक्त 581 रुपये का एक सिलेंडर आता था. उसके बाद से सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन सब्सिडी नहीं दी जा रही. माना जा रहा है कि सर्वे के बाद सरकार सिर्फ उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को ही सब्सिडी देगी.

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