पंजाब : पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान मचा हुआ है. पहले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू ने इस्तीफा दिया. इसके बाद राज्य में पार्टी के कोषाध्यक्ष गुलजार इंदर चहल ने भी इस्तीफा दे दिया है. अभी हाल ही में गुलजार इंदर चहल को पंजाब कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष के रूप में सात दिन पहले 21 सितंबर को औपचारिक रूप से नियुक्त किया गया था, जब चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. चहल के साथ परगट सिंह और योगिंदर पाल ढींगरा को उसी दिन पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का महासचिव नियुक्त किया गया था.
इससे पहले दिन में नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस प्रमुख के पद से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि वह पंजाब के भविष्य से कभी समझौता नहीं कर सकते. नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्विटर पर अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा, ‘किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है, मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं इसलिए मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं. कांग्रेस की सेवा करना जारी रखूंगा.’
सिद्धू ने 23 जुलाई को किया गया था पीपीसीसी अध्यक्ष नियुक्त
सिद्धू को 23 जुलाई को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने अमरिंदर सिंह के दिल्ली दौरे से ठीक पहले इस्तीफा दिया है. अमरिंदर सिंह ने 18 सितंबर को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था. पंजाब कांग्रेस में इस साल अगस्त में खींचतान बढ़ी थी. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने नवजोत सिंह सिद्धू को अमरिंदर सिंह की इच्छा के खिलाफ जाकर कांग्रेस प्रमुख नियुक्त किया था. नवजोत सिंह सिंद्धू ने भी मंगलवार को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. बताया जा रहा है कि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का नया मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से कई चीजों को लेकर सिद्धू खासे नाराज दिखाई दे रहे थे. उन्हें सरकारी कार्यक्रमों में भी साइडलाइन किया जा रहा था.

