तिलकराम मंडावी/डोंगरगढ़ : जनपद पंचायत के मनरेगा अधिकारी-कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को तेज कर दी है। प्रदेष में कांग्रेस सरकार काबिज होनें के 10 दिन के भीतर ही प्रदेष के महात्मा गांधी मनरेगा के तहत काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा किया गया था किंतु आज लगभग तीन साल बीत जानें के बाद भी सरकार ने इन कर्मचारियों की मांग को पूरा नहीं किया है। मनरेगा संघ के अध्यक्ष षिखा दीक्षित, उपाध्यक्ष उपेंद्र वर्मा, सचिव लक्ष्मीनारायण सोनी ने बताया कि कर्मचारी मनरेगा श्रमिकों को 100 दिन गारंटी युक्त रोजगार उपलब्ध करानें के लिए कर्तव्यनिश्ठ है। किंतु उनके रोजगार की जानकारी लेने वाला कोई नहीं है। आज कर्मचारियों के माध्यम से गांव-गांव तक रोजगार पहुंच रहा है और 100 दिन का रोजगार भी कर्मचारियों के माध्यम से ही ग्रामीणों को मिल रहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि हमारी सूध लेनें के लिए सरकार के पास समय नहीं है, चुनाव पूर्व किए गए वादों को भूल चुकी है। इसके बावजूद भी मनरेगा के कर्मचारी 15 वशर्स से अपनी सेवाएं निरंतर दे रहे है। लेकिन सरकार समस्या पर न तो अमल कर रही है और न ही अब तक किसी तरह की पहल की गई है।
वादाखिलाफी को लेकर चला रहे है अभियान- मनरेगा कर्मचारी संघ के बैनर तले नियमितीकरण की प्रक्रिया के लिए सरकार की वादाखिलाफी के योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन की रूप-रेखा तैयार कर सरकार को याद दिलाया जा रहा है। 14 सितंबर को मुख्यमंत्री के नाम अधिकारी-कर्मचारियों के विगत दो वर्शों से वेतन वृद्धि नहीं होनें के संबंध में सभी ब्लॉक में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। दूसरें चरण में मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर समर्थन पत्र मांगा जा रहा है। इसी कड़ी में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह से भी कर्मियों ने मुलाकात किया। इस दौरान अजय गेडाम, विकास, हेमंत मेश्राम, मुरलधर सोनबेर, ईष्वर सिंह मंडावी, रष्मि गहिने, प्रियंका तिवारी, अलका षेश, अंजलि खूंटे, कामेष्वर साहू, चंद्रकांता ठाकुर उपस्थित रहे।

