बिलासपुर: हाई कोर्ट ने एनटीपीसी सीपत में कार्यरत सीआइएसएफ के बीमार कांस्टेबल को नियमित रूप से साप्ताहिक अवकाश देने के संबंध में उनके अभ्यावेदन का नियमानुसार निराकरण करने का आदेश दिया है। गोविंद प्रसाद द्विवेदी एनटीपीसी सीपत इकाई में सीआइएसएफ में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 1999 में कार्य के दौरान दुर्घटना में घायल हो गए थे। तब उनकी जान तो बच गई। लेकिन शारीरिक रूप से बीमार हो गए। इसके चलते उन्हें काम करने में दिक्कत होने लगी। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें एलएमसी ड्यूटी दिया गया है। लेकिन पूरे समय काम के चलते उनकी शारीरिक अस्वस्थता बढ़ने लगी है। इस दौरान उन्हें साप्ताहिक अवकाश भी नहीं दिया जा रहा है और न ही अतिरिक्त भत्ता वगैरह दिया जा रहा है। सुविधाएं नहीं मिलने से परेशान होकर उन्होंने अपने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में केंद्र सरकार के दिशानिर्देश व प्रविधान का भी हवाला दिया गया है। साथ ही नियम के अनुसार सुविधाएं मुहैया कराने का आग्रह किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया कि अवकाश के दिनों में कार्य करने पर अतिरिक्त भुगातन करने का प्रविधान है। लेकिन, बीमार जवान से काम लेने के बाद भी उन्हें देयकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनकी तर्कों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने सीपत स्थित सीआइएफ के उपकमांडेंट व भिलाई कार्यालय के उपमहानिरीक्षक को याचिकाकर्ता के साप्ताहिक अवकाश सहित अन्य देयकों के संबंध में प्रस्तुत अभ्यावेदन का नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने का आदेश दिया है।
सीआइएसएफ के बीमार जवान को हाई कोर्ट से मिली राहत

