रायपुर : चिटफंड कंपनियों से रकम वापसी के लिए अंतिम दिन आवेदन देने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। अंतिम दिन 25 हजार लोगों ने आवेदन दिया। रायपुर तहसील कार्यालय का कमरा नंबर 13 अर्जियों से तकरीबन भर गया। तैनात कर्मचारियों ने आवेदन लिए और उनकी जांच कर अलग-अलग बंडलों में बांधा। बता दें कि रायपुर तहसील में ही रायपुर, खरोरा और तिल्दा के भी आवेदन लिए गए। स्क्रूटनी में आवेदकों द्वारा आवेदन भरने में की गई गलतियां भी सामने आई। कई आवेदकों ने निवेश कंपनी का नाम गलत लिखा तो कुछ ने आधार कार्ड ही नहीं लगाया। तहसील कार्यालय पहुंचे लोगों में से ऐसे भी लोग थे जिन्होंने 8 दिन पहले भी आवेदन किया था। आवेदकों ने बताया कि दो बार आवेदन से उन्हें धन वापसी पक्की हो जाएगी। धन वापसी को लेकर जिले में 31 चिटफंड कंपनियों के खिलाफ आवेदन आए हैं। जिनमें पल्स ग्रीन के आवेदन ज्यादा देखने को मिले। जिन कंपनियों के आवेदन दोबारा आए हैं उनमें अधिकांश पर एफआईआर दर्ज है। पल्सग्रीन में निवेश करने वालों के आवेदन पर सिर्फ 10 हजार तक निवेश करने वालों की राशि वापस की गई। प्रशासन रकम वापसी के लिए 8 करोड़ रुपए की प्रापर्टी कुर्क कर चुका है।
एक नायब तहसीलदार और 13 कर्मचारी किए गए थे तैनात
रायपुर तहसील कार्यालय में आवेदन लेने के लिए एक नायब तहसीलदार और 13 कर्मचारियों की ड्युटी लगाई गई थी। बता दें यह व्यव्यस्था इसलिए थी क्योंकि पिछली बार घोषित अंतिम तारीख को अनियंत्रित भीड़ आ गई थी।
अब थानों में लगाना होगा चक्कर
चिटफंड में डूबा धन पाने अब तक सवा तीन लाख लोगों के आवेदन आए हैं। अब फिर से थानों में इनके बयान दर्ज होंगे। कुल 3 लाख 29 हजार आवेदन पत्र जमा किए गए। अब फिर से निवेशक को थानों के चक्कर काटना शुरू करेंगे। जल्द ही आवेदनों को क्षेत्रीय थानों में भेजे जाएंगे। जिस पर स्थानीय पुलिस द्वारा जांच प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजेगी।
सिर्फ कुछ ही निवेशकों की हो सकी है रकम वापसी
कहां कितने आवेदन
रायपुर – 2,07,835 आवेदन
तिल्दा – 25,052 आवेदन
खरोरा – 7,893 आवेदन
आरंग – 60,350 आवेदन
अभपुर -47,621 आवेदन

