रायपुर : छत्तीसगढ़ में इस साल जनवरी से लेकर जून के बीच सड़क हादसों के विश्लेषण के बाद यह तथ्य सामने आया है कि पिछले छह महीनों में प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 2 हजार 83 लोगों की जान गई है। खास बात ये है कि पिछले साल 2020 में इसी अवधि के दौरान 2 हजार 142 लोगों की मौत हुई थी। यानी पिछले साल के मुकाबले इस साल के पहले छह महीनों में सड़क हादसों में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा सड़क सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबित इस साल 2021 में जनवरी से लेकर जून के बीच कुल 6 हजार 58 सड़क दुर्घटनाएं हुईं है। यह संख्या पिछले साल 2020 की इसी अवधि के मुकाबले 10.68 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह पिछले साल के पहले छह महीनों में सडक हादसों में 2142 लोगों की मौत हुई थी। इस साल यह आंकड़ा 2785 तक पंहुच गया है। यानि पिछले साल की तुलना में 30.1 प्रतिशत अधिक है। यही नहीं इस साल हादसों में घायल लोगों की संख्या पहले छह महीनों में 5342 रही है। यह वृद्धि भी 3.80 प्रतिशत अधिक है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा हादसे
राज्य में पहले छह महीनों में सड़क हादसों में जितने लोगों की मौतें हुई हैं, उनमें 55.11 प्रतिशत हादसे प्रदेश के इन जिलों में हुए हैं। इनमें रायपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, बिलासपुर, जांजगीर चांपा, सूरजपुर, सरगुजा व दुर्ग शामिल हैं। सड़क हादसे किसी भी समय हो सकते हैं, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी घटनाएं जिसमें सबसे अधिक लोगों की जान गई है। वे दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे के बीच हुई।
बाइक सवार सबसे अधिक
प्रदेश में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के बीच यह बात अत्यंत गंभीर है कि प्रदेश में सड़क हादसों में मरने और घायल होने वाले लोगों में सबसे अधिक संख्या 69.43 प्रतिशत मोटर सायकिल चालक व सवारों की है। सबसे अधिक 80 प्रतिशत हादसे जिनमें लोगों की जान गई है वे केवल तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुए हैं। खास बात ये भी कि हर 100 दुर्घटनाओं में पिछले साल 2020 में 38.99 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हुई। 2021 में यही आंकड़ा 6.81 प्रतिशत बढ़कर 45.78 प्रतिशत हो गया। 2021 में सबसे अधिक सड़क हादसे जनवरी में हुए। उससे कुछ कम फरवरी मार्च में, अप्रैल और मई में यह संख्या आधे से कम हो गई। इसके पीछे वजह ये हो सकती है कि इस साल अप्रैल मई में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लॉकडाउन लगा तथा आवाजाही कम रही। जून में जैसे ही हालात सामान्य हुए एक बार फिर सड़क दुर्घटनाएं बढ़ गईं।

