कमलेश लव्हात्रे/बिलासपुर : जैसे ही राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी सीएम की दौड़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच सत्ता संघर्ष की स्थिति से विकास कार्य अवरुद्ध हो गया। भाजपा के कद्दावर नेता पूर्व मंत्रियों पूर्व विधायक अमर अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहाल हैं, स्वास्थ्य विभाग पिछले ढाई वर्षो में हाईजैक मोड में रहा, सीएम के पद की भागदौड़ के चक्कर में लोकस्वास्थ के संवेदनशील विषयों पर भी सरकार संजीदा दिखाई नहीं देती । कोविद प्रबन्धन का मामला हो या महामारी उन्मूलन के लिए टीकाकरण का अभियान, छत्तीसगढ़ सरकार सतत और गुणवत्तापूर्ण लोक सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने की बजाय प्रचार तंत्र के द्वारा ढिंढोरा पीटने वाली साबित हुई है।केंद्रीय स्वास्थ्य परियोजनाओ के समय पर निष्पादन में छत्तीसगढ़ सरकार नुक्ताचीनी करने का कार्य करती है। खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के परिवार को शामिल कर स्वास्थ्य बीमा योजना चलाई जा रही है,योजना लाभ लोगो को नहो मिल पा रहा है। भाजपा नेता अमर अग्रवाल ने लिखा की क्षेत्र और प्रदेश के लोगों को स्थानीय स्तर पर सस्ते खर्च पर बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा मिल सके इस हेतु उनकी परिकल्पना के आधार पर छत्तीसगढ़ का दूसरा मल्टीस्टोरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सौगात केंद्र सरकार के द्वारा बिलासपुर को मिली।200 करोड़ रुपए की इस परियोजना में 120 करोड़ रुपए केंद्र सरकार 80 करोड़ राज्य सरकार द्वारा खर्च किया जाना है। भू माफियाओं से काबिज बिलासपुर शहर में सर्व सुविधा युक्त मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के लिए जमीन का चुनाव का सबसे बड़ी चुनौती थी। श्री अग्रवाल ने कहा इस हेतु उन्होंने एग्रीकल्चर और इंजीनियरिंग कॉलेज की जमीन का सर्वे कराया, कोनी में 50 एकड़ की जमीन का ड़ीमार्केशन कराया, राजस्व विभाग से भू आवंटन कराया, स्थल चयन के साथ ड्राइंग डिजाइन प्रस्ताव भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पारित कराया गया। पांच मंजिल से अधिक निर्माण कार्य के लिए अनुमति कराई गई।प्रथम किश्त जारी होते ही निर्माण कार्य आरंभ हुआ। केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि तत्काल जारी कर दी। निर्माण एजेंसी को भवन निर्माण एवं उपकरण खरीदी के लिए अलॉट आवंटन हुआ। 11 मंजिलों के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 2020 डेड लाइन रखी गई थी, प्रारंभ में तेजी से कार्य हुआ लेकिन जैसे ही राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी सीएम की दौड़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच सत्ता संघर्ष की स्थिति से विकास कार्य अवरुद्ध हो गया। राज्य सरकार के द्वारा राज्याश भुगतान भी लंबित रखा गया, राज्य सरकार को राज्यांश की राशि चार किस्तों में देनी थी भाजपा सरकार के कार्यकाल में पहली किस्त जारी की गई थी,कालांतर में स्टेट के द्वारा राज्यांश को बिना कारण लंबित रखा गया और महामारी की आड़ में प्रोजेक्ट को एक्सटेंशन देने से परियोजना लागत बढ़ना लाजिमी है।
सत्ता संघर्ष की स्थिति से विकास कार्य अवरुद्ध हुआ: अमर अग्रवाल

