प्रांतीय वॉच

दुर्घटनाओं में घायलों के लिए एम्स में स्पेशल क्लीनिक

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  • ब्रेकियल प्लेक्शस और पेरिफेरल नर्व संबंधी विशेष इलाज संभव होगा
  • सर्जरी प्रबंधन, काउंसलिंग और फिजिकल थैरेपी भी प्रदान की जाएगी
  • एम्स के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में उपलब्ध हैं कई अत्याधुनिक सुविधाएं

रायपुर : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर में सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल रोगियों के लिए स्पेशल क्लीनिक बनाया गया है। यह क्लीनिक बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा प्रत्येक गुरुवार को दोपहर दो से चार बजे तक संचालित किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से ब्रेकियल प्लेक्शस और पेरिफेरल नर्व के रोगियों को विशेष उपचार प्रदान किया जाएगा। इसकी मदद से दुर्घटनाओं में घायलों को दोबारा सामान्य जीवन यापन में काफी मदद मिलेगी। प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को इसका लाभ मिल सकेगा।

नेशनल प्लास्टिक सर्जरी दिवस पर विभाग में स्पेशल क्लीनिक का उद्घाटन करने के बाद निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने कहा कि ब्रेकियल प्लेक्शस शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जिसकी मदद से नर्व के सिग्नल दिमाग से शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचते हैं। प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं में इस प्रकार के रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। ज्यादातर दो पहिया वाहन चलाने वाले युवा वर्ग के रोगी होते हैं। एक बार दुर्घटना में यह भाग क्षतिग्रस्त होने से शरीर का ऊपरी भाग कार्य करना बंद कर देता है। छत्तीसगढ़ में प्रति वर्ष दस हजार से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं जिन्हें समय पर उपचार न मिलने की वजह से रोगी शारीरिक रूप से अक्षम हो जाते हैं। स्पेशल क्लीनिक ऐसे रोगियों को उपचार प्रदान करेगा।

विभागाध्यक्ष जितेन कुमार मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार के दुर्घटनाग्रस्त रोगियों को समयबद्ध तरीके से उपचार प्रदान किए जाने की आवश्यकता होती है। अभी तक इन रोगियों को अन्य प्रदेशों में इलाज के लिए भेजा जाता था मगर विशेष क्लीनिक में इनका उपचार संभव हो सकेगा। यहां सर्जरी के साथ काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। एम्स में एमआरआई और अल्ट्रासोनोग्राफी की सुविधा पूर्व से उपलब्ध है। अतः उपचार में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

इस अवसर पर डीन प्रो. एस.पी. धनेरिया, उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता, वित्तीय सलाहकार बी.के. अग्रवाल, प्रो. आलोक अग्रवाल, डॉ. शमेंद्र आनंद साहू और डॉ. मोमिता दे भी उपस्थित थी।

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