रवि सेन/बागबाहरा: वन परीक्षेत्र बागबाहरा के ग्राम खोपली में चीतल को आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बनाया। यह पूरी घटना धान खरीदी केंद्र खोपली के पास की है। ग्रामीणों ने जब आवारा कुत्तों को चीतल को दौड़ाते हुए देखा तब उसे बचाने का प्रयास किया इससे पहले कुत्तों ने उसके पैरों को बुरी तरह नोच लिया था। हालांकि वह कुछ समय तक जीवित रहा । कुत्तों द्वारा चीतल पर हमले की घटना की सूचना वन विभाग बागबाहरा को दी गई थी । समय पर वन विभाग का अमला नहीं पहुंचा उपचार के आभाव में घटनास्थल पर ही चीतल की मौत हो गई ।
मृत चीतल बनेगा तेंदुआ का निवाला – हमले के कुछ समय बाद चीतल की मौत हो गई बाद में वन विभाग के डिप्टी रेंजर मोती साहू ने बताया कि मृत चीतल को जंगल के उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जिस स्थान पर तेंदुआ का वास है। डिप्टी रेंजर के वन क्षेत्र में तेंदुआ होने वाले बयान से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है कि आखिर तेंदुआ किस वन सर्कल में है और अगर तेंदुआ जिस वन सर्कल पर है वहाँ रहने वाले आस पास के ग्रामीणों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्या – क्या सुविधाएं मुहैया कराई गई है या आम ग्रामीणों को खुद अपनी सुरक्षा व्यवस्था कर तेंदुए को भगाने के लिये सिर्फ जद्दोजहद करनी पड़ेगी और प्रशासन सिर्फ मुनादी कराकर अपना पल्ला झाड़ लेगी ।
विकास चन्द्राकर (रेंजर बागबाहरा) – आज सुबह खोपली ग्राम में एक चीतल का शिकार कुत्तों के द्वारा किया गया चीतल 7 – 8 वर्ष का रहा है चीतल की मृत्यु उपरांत उसके शव को घने जंगलों के बीच बिना किसी बाहरी व्यक्ति के जानकारी में छोड़ा गया है ताकि मांसाहारी जानवर भोजन के रूप में उपयोग कर सके ।

