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राज्य में ब्लैक फंगस से 33 लोगों की मौत, एक अस्पताल से लापता

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रायपुर। राज्य में ब्लैक फंगस से 33 लोगाें की मौत हो चुकी है। वहीं, एक मरीज अस्पताल से लापता है, जिसकी तलाश की जा रही है। यह मरीज भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती था। इधर, ब्लैक फंगस की दवाओं की आपूर्ति से भी इलाज प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 286 ब्लैक फंगस के मरीज मिले हैं, जिनमें से 33 लोगों की मौत हुई है।

उनमें 19 ने सिर्फ ब्लैक फंगस से दम तोड़ा है, जबकि 14 को ब्लैक फंगस के साथ ही अन्य बीमारियां भी थी। विभाग के मुताबिक 23 मरीज अब तक डिस्चार्ज हुए हैं। जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उनमें से 146 एम्स, 24 आंबेडकर और 24 सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती हैं। ब्लैक फंगस को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि दवाओं की समस्या को देखते हुए तीन तरह की व्यवस्था है। पहला प्रशासन दवाएं खुद वितरण कर रहा है। दूसरा लोकल पर्चेसिंग के माध्यम से अस्पताल भी दवाएं खरीद रही। और केंद्र सरकार ने भी दवाएं उपलब्ध हो रही। दवाओं की डिमांड अचानक बढ़ने से आपूर्ति में समस्या आ रही है।

प्रदेश में 1000 से कम संक्रमण, पाजिटिविटी दर 1.9 फीसद पर

प्रदेश में 813 संक्रमितों की पहचान हुई है। वहीं 11 मौत और 1342 मरीज स्वस्थ हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रायपुर में 49, जांजगीर में 56, कोरबा में 45, रायगढ़ में 40, बिलासपुर में 23, दुर्ग में 30 समेत अन्य जिलों में मरीज मिले हैं। शनिवार को 18 से 44 आयु वर्ग के 10081 लोगों का टीकाकरण किया गया है। वहीं अब तक इस वर्ग के नौ लाख 25 हजार 560 लोगों को टीका लग चुका है।

वर्जन

ब्लैक फंगस को लेकर इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है। एम्स, आंबेडकर और सेक्टर अस्पताल में सबसे अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है। जो मरीज लापता हुआ है, दुर्ग सीएमएचओ उसकी जानकारी ले रहे हैं। मरीज सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती था। संभवत: वह कहीं और इलाज करा रहा है। दवाओं को लेकर थोड़ी समस्या है। स्वास्थ्य विभाग का दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने लगातार प्रयास जारी है।

-डॉक्टर सुभाष मिश्रा, संचालक, महामारी नियंत्रक, स्वास्थ्य सेवाएं

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