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संयंत्र बिरादरी का योगदान, आक्सीजन सिलेंडर शिफ्ट करना हुआ आसान

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  • आंतरिक संसाधनों से “ऑक्सीजन सिलेंडर स्टैंड-सह-ट्राॅली” का निर्माण

तापस सन्याल/भिलाई : सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय मंे निरन्तर आॅक्सीजन बेड की सुविधा बढ़ाई गयी है। कोविड मरीजों को त्वरित आॅक्सीजन प्राप्त हो, इस हेतु पाइप्ड आॅक्सीजन के साथ-साथ सिलेंडर आॅक्सीजन की भी व्यवस्था की गई है। आॅक्सीजन उपलब्ध कराने के साथ ही अस्पताल में आॅक्सीजन सिलंेडर को तत्काल शिफ्ट करने हेतु “आॅक्सीजन सिलेंडर ट्राॅली” की जरूरत महसूस की जा रही थी। विदित हो कि “आॅक्सीजन सिलेंडर ट्राॅली” की उपलब्धता सिलेंडर को कोविड रोगी के बिस्तर तक ले जाने के लिए या फिर एक बेड से दूसरे बेड पर सिलेंडर शिफ्ट करने के लिए जरूरी है ताकि सिलेंडर को शिफ्ट करने में होने वाली देरी से बचा जा सके और इनडोर परिवहन को भी गति दी जा सके। ।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन लगा हुआ है और न्यूनतम समय के भीतर बाजार से ऑर्डर देकर खरीदना संभव नहीं हो पा रहा है। अतः कोविड मरीजों को त्वरित गति से आक्सीजन पहंुचाने के लिए संयंत्र बिरादरी ने “आॅक्सीजन सिलेंडर ट्राॅली” का आंतरिक संसाधनों से निर्माण करने का बीड़ा उठाया।

इस हेतु सीजीएम इंचार्ज (एम एंड यू) अरविंद कुमार के मार्गदर्शन में इस चुनौती को स्वीकार करते हुए सेक्टर-9 अस्पताल के लिए इन-हाउस संसाधनों के साथ लाइट वेट हैंडी ऑक्सीजन सिलेंडर स्टैंड-सह-ट्राॅली बनाने निर्णय लिया। इस हेतु संयंत्र के स्टोर्स से आवश्यक साइज की जीआई पाइप की व्यवस्था की गई। तथा स्थानीय स्तर पर ट्रॉली के व्हील्स का इंतजाम किया गया। इस प्रकार संयंत्र के रिवैम्पिंग सेल ने बीएसपी के जेएलएन अस्पताल को 23 नग “ऑक्सीजन सिलेंडर स्टैंड-सह-ट्राॅली” का निर्माण कर आज दिनांक 5 मई, 2021 को अस्पताल को हैंडओवर किया।

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