रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में जारी ई-चालान की प्रक्रिया को लेकर अब विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने रायपुर पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए बिना सुनवाई के जारी किए जा रहे ई-चालानों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
महासंघ का कहना है कि वर्तमान में ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की फोटो के आधार पर सीधे ई-चालान जारी किए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में बिना पूर्व सूचना और बिना सुनवाई का अवसर दिए ही चालान थोप दिए जाते हैं, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस, परमिट और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में सीधे चालान भेजे जा रहे हैं, जबकि संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलता। साथ ही, फर्जी वेबसाइट और लिंक के जरिए ठगी के मामलों का भी जिक्र करते हुए इस प्रक्रिया को और जोखिमपूर्ण बताया गया है।
महासंघ ने मांग की है कि बिना सुनवाई जारी सभी ई-चालानों को निरस्त किया जाए और स्पष्ट व विधिसम्मत नियमावली बनाई जाए। इसके अलावा, फर्जी ऑनलाइन वसूली पर सख्त कार्रवाई और पूरे देश में ई-चालान प्रणाली पर अस्थायी रोक लगाने की भी मांग की गई है।
इस मुद्दे को लेकर अब प्रशासन और आम लोगों के बीच बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस पर सरकार का रुख क्या होगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

