रायपुर वॉच

भू-माफिया गुरुचरण सिंह होरा पर गंभीर आरोप: ‘मृत महिला को जीवित बताकर फर्जी रजिस्ट्री कराई’, पीड़ितों को धमकाकर औने-पौने दाम पर ज़मीन बेचने का दबाव

Share this
हमारी जमीन में अपने भांजो का नाम बोर्ड लगाकर हमें औने-पौने में जमीन बेचने मजबुर कर रहा है भू-माफिया गुरूचरण सिंह होरा।
मकान बनाने जाने पर गुंडे भेजकर हमारे ऊपर करवाता है पत्थरबाजी।
  सन् 1980 में मृत महिला चमारिन बाई सोनकर को 1999 में जीवित बताकर कराई फर्जी रजिस्ट्री 2006 में न्यायालय से शून्य होने के बाद 2025 में हमे अपनी जमीन से बेदखल कर रहा है गुरूचरण होरा।
एक माह हो गए (F.I.R.) किए कब निकलेगा गुरूचरण का जुलुस।
रायपुर – गुरूचरण सिंह होरा पीड़ित संघ ने आज दोपहर प्रेस क्लब रायपुर में पत्रकार वार्ता में बताया कि रायपुर का सबसे बड़ा भू-माफिया है गुरूचरण सिंह होरा द्वारा कांग्रेस सरकार के समय 2023 में तत्कालीन पावरफुल आई.ए.एस. अफसर अनिल टुटेजा के संरक्षण में हमे परेशान कर हमारी जमीनो पर कब्जा करने की कोशिश की गई जो हमारी एकजुटता व न्यायालयीन संरक्षण से सफल नहीं हो पाया। 2025 में पुनः हमारे जमीनो पर अपने भांजो के नाम का बोर्ड लगाकर उक्त जमीन को अपना होना बताकर हमारे ऊपर गुंडो से पथराव करवा रहा है। गुरूचरण सिंह होरा द्वारा हमें अपनी जमीन को औने-पौने में बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। शहनाज अली नाम की महिला गुरूचरण सिंह होरा के निर्देश पर हमारे प्लाट में दर्जनों महिलाओं को लेकर पहूंच जाती है और हमें महिला संबंधी अपराध में फंसाने की धमकी देती है। अपना घर बनाने छोटी-छोटी जमीन लिए पीड़ित कहते है हमें कब मिलेगा न्याय…..? कब निकलेगा गुरूचरण का जुलुस……?
पुरानी बस्ती में सब्जी बेचने वाली चमारिन बाई सोनकर की मृत्यु दिनांक 04.04.1980 को हो गई थी। उनकी मृत्यु के 19 साल बाद गुरूचरण सिंह होरा ने चमारिन बाई को जीवित बताकर चंगोराभाठा रिंगरोड की भूमि खसरा नंबर 78 रकबा 1.627 हेक्टेयर को अपने भांजे रंजीत सिंह, मंजीत सिंह, इन्द्रपाल सिंह, हरपाल सिंह व आई.ए.एस. अनिल टुटेजा के साले मनीष बुधिया, रिश्तेदार अविनाश कुमार के नाम पर आधा-आधा एकड़ की आठ रजिस्ट्री ग्राम धनेली के पटवारी श्री बी.एल.नायक व नायाब तहसीलदार श्री चंदेल के हस्तक्षर को स्केन कर कुटरचना की गई उस पर चंगोराभाठा का फर्जी खसरा/पांचसाला बैठा कर तैयार किया गया। इसी प्रकार टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त संचालक के नाम से कुटरचित कृषि प्रमाण पत्र तैयार किया गया जबकि तत्समय उक्त भूमि आवासीय थी। कुटरचित पटवारी खसरा व कृषि प्रमाण पत्र को असल होना बताकर दिनांक 31.03.1999 को गुरूचरण सिंह होरा द्वारा अपने भांजो व अनिल टूटेजा के रिश्तेदारों के नाम पर आधा-आधा एकड़ की आठ रजिस्ट्री करवा ली गयी।
चमारिन बाई के पुत्र-पौत्र मनाराम सोनकर सत्येन्द्र सोनकर वगैरह को फर्जी रजिस्ट्री की जानकारी होने पर राजस्व दस्तावेज कुटरचना कर सन् 1980 में मृत दादी चमारिन बाई को जीवित होना बताकर करवाई गई फर्जी रजिस्ट्री को रद्द करवाने सिविल कोर्ट में मामला दायर किया गया जिस पर माननीय न्यायालय ने चमारिन बाई के मृत्यु उपरांत करवाई गई फर्जी आठो रजिस्ट्री को शून्य घोषित कर होरा-टुटेजा परिवार को जमीन में प्रवेश से स्थायी रूप से अपने निर्णय दिनांक 12.05.2005 एवं 08.09.2006 से निषेधित कर दिया गया किन्तु गुरूचरण सिंह होरा ने व्यवहार न्यायालय के आदेश की परवाह न करते हुए अपने पार्टनर आई.ए.एस. अफसर अनिल टुटेजा के शक्तिशाली होने पर वर्ष 2023 में हमारी जमीनों पर प्रशासनिक ताकत एवं गुंडो की फौज इकठ्ठा कर कब्जा करने का प्रयास किया गया फिर ई.डी. द्वारा अनिल टुटेजा को जेल भेजे जाने व गुरूचरण सिंह होरा के खिलाफ ई.डी. जांच कार्यवाही होने से से 2 साल शांत रहा। पुनः अप्रैल 2025 से लगातार हमें परेशान कर रहा है। 500-700-1000 फीट जमीने हमने अपने मकान बनाने वर्ष 2020 में सोनकर परिवार से खरीदी है जिसमें हमें मकान बनाने गुरूचरण सिंह होरा नहीं दे रहा है। हमारी जमीनो पर अपने भांजो की रजिस्ट्रीशुदा जमीन होने का बोर्ड लगा दिया गया है जिसे राजस्व विभाग ने अपने सीमांकन रिपोर्ट में अवैध होना बताया है रिंग रोड की चौड़ाई में भी एक झोपड़ी गुरूचरण सिंह होरा द्वारा बनवाकर वहां गुडो को रखा जाता है ताकि हमें धमकाकर हमारी जमीन औने-पौने में खरीद सके हमारे द्वारा शासन द्वारा लगाए गए सुशासन शिविर में की गई शिकायत की जांच में राजस्व विभाग ने रिपोर्ट दी है कि गुरूचरण सिंह होरा द्वारा वह झोपड़ी अवैध रूप से रिंग रोड की चौड़ाई में बनाई गई है किन्तु गुरूचरण सिंह होरा ने आर्थिक दबाव में अवैध कब्जा हटाने की जगह सिविल कोर्ट जाने का आदेश नायाब तहसीलदार प्रवीण परमार द्वारा हमें दिया जा रहा है जबकि अवैध कब्जा हटाने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। विगत एक माह पूर्व थाना सिविल लाईन में दिनांक 08.10.2025 को गुरूचरण सिंह होरा एवं उनके भांजे रिश्तेदारों के नाम पर धारा 420, 467, 471, 506, 34 भा.द.वि. के तहत अपराध दर्ज किया गया है जिसमें 12 पीड़ित तथा शासकीय गवाहों ने अपना बयान दर्ज करवा दिया गया है एवं दस्तावेज पेश किया गया है जिससे पूर्ण रूप से प्रमाणित हो गया है कि चमारिन बाई की मृत्यु के 19 वर्ष पश्चात फर्जी एवं कुटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर गुरूचरण सिंह होरा एवं टुटेजा परिवार द्वारा फर्जी रजिस्ट्री करवाई गई है फर्जी रजिस्ट्री व्यवहार न्यायालय से शून्य होने एवं हौरा व टुटेजा परिवार को जमीन में प्रवेश से न्यायालय द्वारा स्थायी रूप से प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद हमें अपनी ही भूमि में मकान बनाने पर पत्थरबाजी की जा रही है राजधानी में हमें भू-माफिया गुरूचरण सिंह होरा द्वारा अपनी जमीन औने-पौने में देने धमकाया जा रहा है जो कि कानुन व्यवस्था का गंभीर मामला है गुरूचरण सिंह होरा व उसके रिश्तेदारों की गिरफ्तारी के लिए होरा पीड़ित संघ द्वारा रविवार 16 नवम्बर को गांधी प्रतिमा आजाद चौक में एक दिवसीय धरना दिया जावेगा। आगे भी हमारे द्वारा सतत् आंदोलन चलाया जाएगा।
Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *