- अलाव जलाकर तापने के लायक फिर पड़ रही है ठंड
अक्कू रिजवी/ कांकेर। कांकेर शहर तथा जिले में मकर संक्रांति के बाद ठंड का कम होने की बजाय और अधिक बढ़कर कष्टदायक बन जाना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है। अब तक ऐसा माना जाता था कि मकर संक्रांति के पश्चात मौसम बदल जाता है और ठंड समाप्त होकर वसंत ऋतु आ जाती है। लेकिन इस वर्ष मौसम ने ऐसी पलटी मारी है किङ आम जनता घबरा गई है । जो लोग अपने गर्म कपड़ों को मकर संक्रांति के पूर्व वापस पेटी में बंद कर चुके थे, उन्हें ठीक मकर संक्रांति के दिन ही से शीतलहर शुरू हो जाने पर विवश होकर रजाई कंबल स्वेटर आदि फिर से निकालने पड़ गए हैं इससे पूर्व तक यह हाल था कि 1 जनवरी से कांकेर में कुल्फी आइसक्रीम आदि का बिकना शुरू हो जाता था लेकिन इस वर्ष लग रहा है कि फरवरी के अंत तक भी शायद कुछ ना कुछ सर्दी चलती रहेगी । जानकार लोगों का कहना है कि सारी दुनिया में पर्यावरण तथा मौसम में भारी बदलाव का दौर चल रहा है। जिसका जिम्मेदार प्रदूषण है और प्रदूषण के जिम्मेदार हम आप ही हैं प्रदूषण के कारण ही सभी ऋतुएँ एक एक माह आगे बढ़ गई हैं तथा जलवायु विषम होती जा रही है, जिसके कारण जनता के कष्ट भी बढ़ते जा रहे हैं। आवश्यकता इस बात की है कि सभी लोग मिलजुल कर पर्यावरण की रक्षा करें।

