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छत्तीसगढ़ की सड़कें बनीं ‘डेथ ट्रैप’, अरुण वोरा ने की यातायात सुधार की अपील

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आमजन में भय और चिंता का माहौल है। गुरुवार को प्रदेश में अलग-अलग हादसों में 12 लोगों की मौत हो गई।

महासमुंद, बेमेतरा और बलौदाबाजार में हुए भीषण सड़क हादसों में कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई घायल हैं। महासमुंद में राजमार्ग-353 पर कार और ट्रक की टक्कर में राजस्व विभाग के आरआई ताहर सिंह ठाकुर सहित उनके परिवार की दर्दनाक मौत हो गई। इसी तरह, बेमेतरा में टायर फटने से वाहन पलट गया, जिसमें तीन लोगों की मौत और आठ लोग घायल हो गए।

महासमुंद, बेमेतरा और बलौदाबाजार के बाद दुर्ग में भी एक दर्दनाक हादसा सामने आया। भिलाई भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष स्वीटी कौशिक की बेटी ऋचा कौशिक (22) की तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराने के कारण मौत हो गई। यह घटना दुर्ग कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई और हादसा सीसीटीवी में कैद हो गया।

इन लगातार हो रहे हादसों को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व विधायक
अरुण वोरा ने भाजपा सरकार से कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर मांग की कि –
✔ स्पीड लिमिट पर सख्ती हो और ओवरस्पीडिंग पर कड़ा एक्शन लिया जाए।
✔ हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य किया जाए और उल्लंघन पर जुर्माना बढ़ाया जाए।
✔ यातायात पुलिस की सतर्कता बढ़ाई जाए और हाईवे पर विशेष निगरानी रखी जाए।
✔ जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों की गंभीरता समझाई जाए।

उन्होंने सरकार से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि “मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखे और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाए”.

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