
भाटापारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है अपराध
भाटापारा/तुलसी जायसवाल। भाटापारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है अपराध व असामाजिक तत्वों का डेरा भाटापारा को छोटे मुंबई वह सट्टा का गढ़ माना जाता है भाटापारा में दूर दराज से लोग अपनी दिन दुगनी रात चौगुनी के नियत से भाटापारा पहुंचते हैं और कोई इसमें सफल होता है तो कोई अपने संपत्ति व अपनों को खो देता है हर गली मोहल्ले में अवैध शराब के कोचियों को शराब बेचते देखे जा सकते हैं ऐसे ही आधी रात के बाद शहर के कुछ होटल में शहर व बाहर अन्य जिलों से आए रसूखदारों की रात रंगीन करने कॉल गर्ल को देखा जा सकता है पुलिस कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति के लिए कोचिए व छोटे खाईवाल पर ही शिकंजा कश्ती है जबकि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में माफिया वह बड़े खाईवाल सक्रिय होकर अपना कार्य को बेझिझक अंजाम दे रहे हैं ऐसे लोगों की शिकायत आए दिन सुनने को मिलती है
जब इस संबंध में जिला बलौदा बाजार के उप पुलिस अधीक्षक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है जिसका लिंक मिलता है उन पर कार्यवाही करती है और जिनकी शिकायत में मिलती है उन पर भी जांच कर कार्यवाही होती हैं आगे भी बड़े लोगों पर शिकायत के आधार पर कार्यवाही की जा सकती है
जिला पुलिस उप अधीक्षक हरीश यादव
