प्रांतीय वॉच

सागौन पेड़ों की अवैध कटाई जारी,जंगल हो रहे साफ, अधिकारी बे खबर

Share this

समैया पागे/ बीजापुर : बता दें कि इंद्रावती रिजर्व टायगर भोपालपटनम वन परिक्षेत्र के जंगल में राष्ट्रीय राजमार्ग 63 से तकरीबन एक किमी दूर आरक्षित जंगल में कई दिनों से बड़ी मात्रा में अवैध रूप से सागौन पेेडो को काटने का सिलसिला चल रहा है। इसका प्रमाण टायगर रिजर्व के आरक्षित जंगल में जगह जगह काटे सागौन पेड़ों के ठूंठों को देखकर ही लगाया जा सकता हैं। सूत्रों की मानें तो तथाकथित तक्षक पड़ोसी राज्य तेलंगाना के लकड़ी खरीद फरोख्त करने वाले अमुक ठेकेदारों से सांठ-गांठ में मोटी रकम मिलने के बाद आरक्षित जंगल में सागौन पेड़ काटकर बेचने में आमद हो गए। ज्ञात हो कि वन तस्कर के लोग प्रति एक सागौन पेड़ 200 रुपया के दर से कटाई कर वही जंगल में छोड़कर वापस घर पहुंचते हैं। जैसे ही रात होता है तो बैलगाड़ी से जाकर तस्कर के गंतव्य तक लाने के बाद चार पांच मीटर के टूकडों में काटकर पिक-अप वाहन में लादकर रातों रात पड़ोसी राज्य तेलंगाना के अमुख ठेकेदार को बेचने का धंधा कई दिनों से चल रहा हैं। हैरानी की बात तो यह है कि वन विभाग द्वारा तैनात अधिकारी व कर्मचारियों को इसकी जानकारी होने के बाद भी वन माफिया पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने के लिए पसीना छूट रहा है। जिससे जंगल से सगौन पेड़ समाप्त होते जा रहे हैं। इस तरह जंगल से हर माह लाखों रूपए की सागौन लकड़ी काटकर माफिया के द्वारा बाहर भेजी जा रही है। हालांकि शासन द्वारा जंगलों की सुरक्षा के लिए वन कर्मचारियों को तैनात किया गया है,मसलन वन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी ही वन तस्कर पर मेहरबानी होकर जंगलों का सफाया करने में जुटे हुए हैं तो फिर दिया तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ होना लाजिमी हैं। यदि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो जंगलों की जगह केवल वीरान जगह ही नजर आएगी, लेकिन अफसोस तो इस बात का हैं कि जंगल के अधिकारियों ने वनों को चोरों और तस्करों के हाथों मानों बेच दिया हो। मामले में इंद्रावती रिजर्व टायगर भोपालपटनम परिक्षेत्र में पदस्थ रेंजर प्रमोद तिवारी से आरक्षित जंगल में वन तस्करों के द्वारा जंगल में सागौन पेड़ों को काटने के संदर्भ में दूरभाष पर सवालों के घेरे में लिया तो उन्होंने जंगल में सागौन पेड़ काटने की बात से साफ इंकार कर दिया। उप वन मंडलाधिकारी रामसेवक वट्टी ने मामले में दखल देने के बजाय किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से असमर्थ जताकर सच पर झूठ का पर्दा उड़ेल दिया।

क्या कहते हैं मुख्य वन संरक्षक

आरक्षित जंगल में काटते सागौन पेड़ों के विषय पर चर्चा किया गया तो कहा मामले में जांच होगी शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी ।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *