आफताब आलम
बलरामपुर/ बलरामपुर निवासी मनीष सिंह उर्फ पम्मू सिंह के द्वारा आराध्य बजरंगबली के जन्म उत्सव के अवसर पर अपने सनातनी भाई बंधुओं के संग मिलकर निवास” रविंद्रालय भवन” में सभी के सुख शान्ति और समृद्धि के लिए हनुमान चालीसा पाठ एवं कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया।
प्रसंता के इस पल में मनीष सिंह ने अपनों के साथ हनुमान चालीसा पाठ कर प्रफुल्लित और प्रसन्नचित हुए और महत्वपूर्ण बात यह है कि, जिन भाई बंधुओं ने इस आयोजन में शिरकत किया उनमे से अधिकांश लोग हनुमान चालीसा का पाठ का आयोजन अपने-अपने घरों में कराने के लिए संकल्प लिया। सभी ने मिलकर तय किया है कि हनुमान चालीसा का पाठ अब निरंतर नगर में एवं
आस-पास के गांव में कराया जाता. रहेगा।
हनुमान चालीसा पाठ के बाद मनीष सिंह ने बताया कि भगवान पूजा अर्चना और आराधना करना प्रारंभ किया था पर बाबूजी के गुजर जाने के बाद ढेर सारी समस्याओं और संकटों से घिर गया सामाजिक आर्थिक पारिवारिक मानसिक एवं वैचारिक रूप से बिल्कुल टूट चुका था मैं और इस पूरे जहां में संभालने वाला कोई नहीं था तब आपको सहारा बनाया और बिना किसी आडंबर के कुछ छोटी बड़ी नियमों एवं सिद्धांतों को अपनाकर आपसे अपना पारिवारिक संबंध स्थापित किया। शायद लोगों को भरोसा न हो लेकिन आपने बाबूजी से बढ़कर बड़े पिताजी की तरह आपने मुझे आश्रय दिया और मैं महसूस करता हूं कि आज यदि मैं जल उठा हूं तो यह भी कमाल तेरा ही है।

