BREAKING CG NEWS

CAIT ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र: टैक्स ऑडिट और आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि दो महीने बढ़ाने की मांग

Share this

रायपुर: देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के नेशनल वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन श्री जितेन्द्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन श्री सुरिन्दर सिंह, श्री जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री श्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेन्द्र जग्गी, श्री वासु माखीजा, श्री राम मंधान, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी एवं श्री शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री एवं अध्यक्ष, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को एक औपचारिक ज्ञापन भेजकर आकलन वर्ष 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और आईटीआर (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि को 2 महीने आगे बढ़ाने का पुरजोर आग्रह किया है।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि आयकर पोर्टल की तकनीकी कमियों, यूटिलिटीज के देर से जारी होने और TDS/TCS डेटा के मिलान में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण देश भर के व्यापारी और कर सलाहकार भारी दबाव में हैं।

CAIT द्वारा की गई प्रमुख मांगें:-

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Form 3CA/3CB–3CD):- अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 की जाए।

इनकम टैक्स रिटर्न (ऑडिट केस):- अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 की जाए।

ट्रांसफर प्राइजिंग मामले:- फॉर्म 3 CEB एवं संबंधित रिटर्न के लिए तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 एवं 31 जनवरी 2027 की जाए।

तिथि बढ़ाने के मुख्य कारण:-

पोर्टल व यूटिलिटी की देरी:- ऑडिट से संबंधित आईटीआर (ITR – 3, 5, 6) की ऑनलाइन/ऑफलाइन यूटिलिटी काफी देर से (अगस्त 2026 में) उपलब्ध कराई गई, जिससे सीए (CA) और एकाउंटेंट्स को काम करने का पर्याप्त समय नहीं मिला।

 

Form 26AS और AIS में विसंगतियां:- ग्राहकों और बैंकों द्वारा काटे गए TDS/TCS का विवरण 26A और AIS में समय पर या सही तरीके से प्रदर्शित न होने के कारण मिलान (Reconciliation) में काफी समय लग रहा है।

 

नए नियमों का बोझ:- छोटे व्यापारियों और एमएसएमई (MSME) पर धारा 43 B(h) (एमएसएमई भुगतान नियम) और नए (TDS/TCS ) प्रावधानों के कारण ऑडिट रिपोर्ट (Form 3CD) में अतिरिक्त जानकारी दर्ज करना अनिवार्य हो गया है।

 

त्योहारी सीजन अक्टूबर और नवंबर के दौरान नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार हैं, जो व्यापारियों के लिए साल का सबसे व्यस्त व्यावसायिक समय होता है।

 

CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने सरकार से गुहार लगाई है कि करदाताओं को अनुचित जुर्माने (Penalty) और ब्याज के दबाव से बचाने के लिए 30 सितंबर 2026 से पहले तिथि बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा की जाए।

 

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *