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रायपुर रेल मंडल के टिकट चेकिंग स्क्वाड ने डुप्लीकेट एमएसटी रेल टिकट बनाने वालों को पकड़ा

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रायपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के वाणिज्य विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की सक्रियता से निर्देशानुसार ट्रेन संख्या 68705 (रायपुर–डोंगरगढ़ लोकल) में विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। दुर्ग में आयोजित फोर्ट्रेस चेकिंग (किलाबंदी टिकट चेकिंग) के दौरान श्रीमती प्रिया, वरिष्ठ टिकट एग्जामिनर, दुर्ग के द्वारा डुप्लीकेट एमएसटी (छ: माही) का मामला पकड़ा गया, जिसकी सूचना तत्पश्चात उच्च अधिकारियों को दी गई।

टिकट चेकिंग स्टाफ ने यू टी एस ऑन मोबाइल ऐप के एमएसटी टिकट की इमेज का दुरुपयोग करते हुए डुप्लीकेट एमएसटी बनाकर यात्रा करने वाले संदिग्धों को पकड़ा। किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान एक यात्री के पास डुप्लीकेट एमएसटी टिकट पाया गया जिसकी गहनता से जांच करने पर वह टिकट डुप्लीकेट निकला पूछताछ के दौरान तथ्यों से प्लानिंग करके पकड़ा गया उसके अन्य साथी भी पकड़े गए। जांच के दौरान शंकराचार्य कॉलेज के 4 छात्र इस धोखाधड़ी में संलिप्त पाए गए। मुख्य आरोपी कुलदीप ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी टिकट तैयार किया, जिसे उसने अपने 02 साथियों के साथ साझा किया, जिन्होंने आगे इसे अन्य लोगों तक प्रसारित किया। छात्रों के अनुसार, हर्ष नामक एक छात्र इन फर्जी टिकटों को अन्य यात्रियों को बेचने में संलिप्त था। हालांकि हर्ष अभी पकड़ नहीं आया है।

 

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अवधेश कुमार त्रिवेदी ने अधीनस्थ अधिकारियों कर्मचारियों को टिकट चेकिंग के दौरान टिकटो की गहन जाँच के निर्देश दिए ।

 

आज दुर्ग स्टेशन पर पकड़े गए सभी संदिग्ध लोगों की जानकारी निम्नानुसार हैं।

 

(1) कुलदीप बिश्नोई उम्र 20 साल

(2) यू ओंकार उम्र 20 साल

(3) अखिलेश साहू उम्र 19 साल

(4) राहुल साहू उम्र 20 साल

 

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के निर्देश पर सहायक वाणिज्य प्रबंधक (कोचिंग) अविनाश कुमार आनंद, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक जितेंद्र प्रसाद, टाटा बाबू राव, अभिजीत डे, डिविजनल सीटीआई ए. जेना और सीटीआई जयंत बाघ एवं चेकिंग स्टाफ ने संदिग्ध व्यक्तियों से गहनता से पूछताछ की।

 

रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध किया है कि वह रेलवे टिकट काउंटर अथवा स्वयं यू टी एस ऑन मोबाइल का उपयोग कर टिकट बनाएं ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन का उपयोग करें। यात्री टिकट सुविधा केंद्र से टिकट ले, रेल वन ऐप का उपयोग करें। संदिग्ध व्यक्तियों से टिकट/ एमएसटी न खरीदें।

 

उक्त चारों छात्रों को हर्ष के संबंध में उपलब्ध विवरण सहित आगे की आवश्यक कार्रवाई हेतु RPF/दुर्ग को सुपुर्द कर दिया गया हैं।

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