ED Action: नई दिल्ली। ईडी ने गुरुवार रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की कंपनियों आरएचएफएल और आरसीएफएल की 581 करोड़ रुपये से अधिक की नई संपत्तियां जब्त की हैं। ईडी ने एक बयान में कहा कि 11 मार्च को गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में जमीन के टुकड़ों को जब्त करने का आदेश जारी किया गया था।
581.65 करोड़ रुपये की ये संपत्तियां रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) की हैं।विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड के खिलाफ मामले में छह मार्च को की गई तलाशी कार्रवाई के बाद यह कार्रवाई की गई है।
ईडी ने अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की संपत्तियां पहले भी कुर्क की थीं। रिलायंस अनिल अंबानी समूह की कुल कुर्क की गई संपत्तियां 16,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं। यह जांच यस बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायतों के आधार पर आरसीएफएल और आरएचएफएल के खिलाफ सीबीआइ द्वारा दर्ज एफआइआर से शुरू हुई है।
ईडी की जांच से पता चला कि आरएचएफएल और आरसीएफएल ने कई बैंकों से पब्लिक फंड जुटाए थे। इन पब्लिक फंड्स में से 11,000 करोड़ रुपए से ज्यादा नान-परफार्मिंग एसेट्स बन गए। ईडी की जांच से पता चला कि आरएचएफएल और आरसीएफएल द्वारा जुटाए गए पब्लिक फंड्स को रिलायंस ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों जैसे रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, वगैरह में डायवर्ट किया गया था। जांच से ग्रुप के प्रमोटर्स और खास लोगों की गलत नीयत का पता चला है।

