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सिविल जज भर्ती: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, पुराने नियमों से होगी भर्ती

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भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में सिविल जज (जूनियर डिवीजन, प्रवेश स्तर) भर्ती 2022-23 से संबंधित हाईकोर्ट के 13 जून 2024 के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया पुराने नियमों के अनुसार पूरी की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कटऑफ अंक और पात्रता मानदंड अलग-अलग विषय हैं, और केवल आशंका के आधार पर रिव्यू अधिकार का उपयोग नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 13 जून 2024 के आदेश को रद्द करते हुए पुनर्विचार याचिका 620/2024 को खारिज कर दिया। कोर्ट ने 17 नवंबर 2023 की अधिसूचना के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का आदेश दिया।

जानिए क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 13 जून 2024 को आदेश जारी कर सिविल जज भर्ती के लिए नए नियम लागू किए थे। इनमें उम्मीदवारों के लिए 3 साल का वकालत अनुभव या उत्कृष्ट लॉ ग्रेजुएट होना, सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 70% अंक और एससी/एसटी के लिए 50% अंक अनिवार्य किए गए थे। इन नियमों को कई याचिकाओं में चुनौती दी गई।

सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर 2023 को आदेश दिया था कि पुराने नियमों के तहत भी उम्मीदवार परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला याचिका पर निर्भर होगा। 10 मार्च 2024 को प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित हुए, जिसमें याचिकाकर्ताओं को 112 और 108 अंक मिले, जबकि कटऑफ 113 था। 7 मई 2024 को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी, क्योंकि वे कटऑफ से नीचे थे।

25 मई 2024 को याचिकाकर्ताओं ने पुनर्विचार याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 13 जून 2024 को आदेश दिया कि अयोग्य उम्मीदवारों को हटाकर नया कटऑफ तय किया जाए और 113 के बीच के योग्य उम्मीदवारों के लिए नई मुख्य परीक्षा आयोजित की जाए। तब तक भर्ती प्रक्रिया रोकने का आदेश दिया गया। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर भर्ती प्रक्रिया को पुराने नियमों के तहत आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

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