रायपुर। उच्च शिक्षा विभाग ने डॉ. संतोष कुमार और डॉ. सुनीता सोनवानी की पुस्तक “Indian Diaspora: A Multifaceted Exploration” को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित कोर्सेस हेतु पाठ्यपुस्तकों की सूची में संदर्भ पुस्तक (Reference Book) के रूप में शामिल किया है। यह पुस्तक भारतीय प्रवासी समुदाय (Indian Diaspora) की बहुआयामी भूमिका और योगदान पर प्रकाश डालती है।
पुस्तक में बताया गया है कि प्रवासी समुदाय अपने मूल देश के लिए अमूल्य धरोहर के समान होते हैं। इसी महत्त्व को देखते हुए विश्व के विभिन्न देश अपनी प्रवासी आबादी से जुड़कर राष्ट्रीय विकास को गति देने का प्रयास कर रहे हैं। विशेषकर भारतीय प्रवासी समुदाय ने आर्थिक प्रगति में अहम योगदान दिया है। यह योगदान प्रतिवर्ष भेजी जाने वाली भारी-भरकम विदेशी मुद्रा, दान-परोपकार, उन्नत कौशल और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से दिखाई देता है।
आर्थिक भूमिका के साथ ही भारतीय प्रवासी सांस्कृतिक दूत (Cultural Ambassadors) के रूप में भी कार्य करते हैं। वे अपने मेजबान देशों में रहते हुए भी भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक नेटवर्क को जीवित रखते हैं तथा अंतर-सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देते हैं।
यह पुस्तक प्रवासी जीवन के विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल करती है—उनकी भूमिकाओं और योगदान से लेकर साहित्यिक सृजन, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और प्रवासन से जुड़ी जटिलताओं तक। कठोर शोध, सैद्धांतिक आधार और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्रवासी जीवन के प्रति जिज्ञासु हर व्यक्ति के लिए उपयोगी और पठनीय है।
उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि इस तरह के संदर्भ ग्रंथों को पाठ्यचर्या और शोध कार्य में शामिल करने से विद्यार्थियों को वैश्विक परिप्रेक्ष्य मिलेगा और भारतीय प्रवासी समुदाय की गहराई को समझने में मदद मिलेगी।

