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पंजाब में बाढ़: राहुल गांधी ने पहले गुरुद्वारे में मत्था टेका, फिर बाढ़ पीड़ितों से की मुलाकात

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राहुल गांधी बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लेने के लिए एक दिवसीय दौरे पर सुबह अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।

पंजाब में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमृतसर पहुंचे। बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने से पहले उन्होंने गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब जी रामदास में मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली व शांति के लिए अरदास की। इसके बाद वे गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक के गुरूचक गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उनके साथ पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, जसवीर डिम्पा, पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी मौजूद थे। डेरा बाबा नानक में किसानों ने राहुल गांधी को बताया कि बाढ़ के कारण उनकी लगभग 50 एकड़ जमीन बह गई है। उन्होंने नदी के किनारों को कंक्रीट से पक्का करने की मांग की, जिस पर राहुल गांधी ने सरकार बनने पर उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया।

राहुल गांधी का एक दिवसीय दौरा

इससे पहले, राहुल गांधी बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लेने के लिए एक दिवसीय दौरे पर सुबह अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। कांग्रेस की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि राहुल गांधी ने सभी को सेवा के लिए प्रेरित किया है। सिद्धू ने बाढ़ की स्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि उचित तैयारी की गई होती, तो लोगों को ये कठिनाइयां नहीं झेलनी पड़तीं। वहीं, कांग्रेस नेता प्रगट सिंह ने कहा कि हाल की बाढ़ से पंजाब को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ही पंजाब के लोगों के दर्द को सही मायने में समझते हैं। उन्होंने सरकार पर अपर्याप्त तैयारी का आरोप लगाया और कहा कि एसडीआरएफ फंड का हिसाब-किताब ठीक से नहीं रखा गया।

बाढ़ से 56 लोगों की मौत

पंजाब दशकों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है, जो सतलुज, व्यास और रावी नदियों के उफान के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण मौसमी नालों के उफान के कारण हुई। भारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। बाढ़ के कारण अब तक 56 लोगों की जान जा चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब में 1,98,525 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें गुरदासपुर (40,169 हेक्टेयर), पटियाला (17,690 हेक्टेयर), तरनतारन (12,828 हेक्टेयर), फाजिल्का (25,182 हेक्टेयर), फिरोजपुर (17,257 हेक्टेयर) और कपूरथला (17,574 हेक्टेयर) में सबसे अधिक नुकसान हुआ।

9 सितंबर को पीएम मोदी का दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर पंजाब में बाढ़ की स्थिति और नुकसान की समीक्षा की थी। उन्होंने राज्य के लिए 1,600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की, जो 12,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, एल मुरुगन और बी एल वर्मा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था।

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