जिंदगी अनमोल है, कोलवाशरी बर्बाद कर देगी” – ग्रामीणों और सरपंचों का विरोध
बिलासपुर। सीपत ब्लॉक के रलिया-भिलाई क्षेत्र में प्रस्तावित अरपा कोल बेनीफिकेशन ग्रीनफील्ड लिमिटेड की 2.6 एमटीपीए क्षमता वाली कोलवाशरी परियोजना का जमकर विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सीपत के अध्यक्ष राजेंद्र धीवर के नेतृत्व में क्षेत्रीय सरपंचों और ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग की।ग्रामीणों और सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि जनसुनवाई कराई गई तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि इस कोलवाशरी से किसी को कोई लाभ नहीं बल्कि केवल नुकसान होगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों की जिंदगी तबाह हो जाएगी।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाए गंभीर बिंदु
राजेंद्र धीवर ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि यह परियोजना ग्रामीणों के स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा, पर्यावरण, कृषि, धार्मिक आस्था और जीवनशैली पर गंभीर संकट लेकर आ रही है।
उन्होंने 12 प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख करते हुए कहा –
1. स्कूलों पर खतरा: भिलाई, रलिया और बेलटुकरी के स्कूल महज 500 मीटर दूरी पर हैं, बच्चों के स्वास्थ्य पर असर होगा।
2. जल संकट गहराएगा: सतही जल संसाधन 3 किमी तक नहीं, पानी की समस्या विकराल रूप लेगी।
3. स्वास्थ्य पर मार: फेफड़े, आंख व त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ेगा।
4. खेती चौपट: राख और धूल से कृषि भूमि बर्बाद होगी।
5. पर्यावरणीय नुकसान: प्रदूषण से दीर्घकालिक असर पड़ेगा।
6. एनटीपीसी राखड़ डेम पर असर: महज 1 किमी दूर होने से दबाव और बढ़ेगा।
7. पहले से प्रदूषण का बोझ: 2 किमी दायरे में 4 कोलवाशरी और रेलवे साइडिंग पहले से मौजूद।
8. जनसंख्या प्रभावित: लगभग 70-80 हजार ग्रामीण सीधे प्रभावित होंगे।
9. धार्मिक आस्था पर चोट: राउतराय मंदिर महज 10 मीटर की दूरी पर, अस्तित्व खतरे में।
10. गेल पाइपलाइन पर खतरा: 500 मीटर पर गैस पाइपलाइन, दुर्घटना की आशंका।
11. नहर-नाले प्रभावित: सिंचाई व्यवस्था ठप हो जाएगी।
12. कृषि भूमि का अवैध उपयोग: भूमि उपयोग परिवर्तन किए बिना अधिग्रहण।
“ग्रामीणों की जिंदगी दांव पर”
राजेंद्र धीवर ने कहा कि कोलवाशरी से न तो स्थायी रोजगार मिलेगा और न ही कोई फायदा। उल्टा यह परियोजना लोगों की जिंदगी और पर्यावरण को तबाह कर देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परियोजना को तत्काल रद्द नहीं किया गया तो ग्रामीण और कांग्रेस पार्टी मिलकर सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।