
तिरछी नज़र : आखिर मंत्रिमंडल में फेरबदल टला…
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल का विस्तार फिलहाल तीन महीने के लिए टल गया है। भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व कीदूसरी व्यस्ताओं के चलते छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार का मामला खिंचता जा रहा है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ भाजपा में एक अनार सौबीमार की कहावत चरितार्थ हो रही है। दो खाली पद मंत्री के लिए एक दर्जन भाजपा विधायक लाबिंग कर रहे हैं। मंत्रिमंडल में पुरानेविधायकों को जगह दी जाएगी या नहीं इसको लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। पुराने विधायक जोरदार लाबिंग कर रहे हैं। लेकिनभाजपा संगठन भविष्य की राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए फैसला लेगी। दूसरी तरफ नए मंत्रियों को भी काम–काज समझने केलिए कुछ और मौका दिए जाने के संकेत हैं। नए विधायकों को मंत्री बनाने की संभावनाएं ज्यादा हैं।
सरकार की रिपोर्ट को अनदेखा किया जिला प्रशासन ने…
बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट में हुई हिंसक वारदात के बाद कारणों की समीक्षा अलग–अलग स्तर पर चल रही है। राजनीतिक फायदे के लिएआरोप–प्रत्यारोप का खेल चल रहा है। भाजपा को नुकसान होने की आशंका है। इसलिए डैमेज कंट्रोल की कई कोशिशें हो रही हैं।प्रशासनिक तौर पर जिलों में कसावट लाने दिशा–निर्देश दिए गए हैं। बताया जाता है कि बलौदाबाजार पुलिस अधीक्षक व जिलाधीशकी लापरवाही भरी रिपोर्ट से खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेहद नाराजगी जाहिर की थी। आंदोलन के पहले की रिपोर्ट में मात्र 250 लोगों के शामिल होने का अंदेशा जिला प्रशासन ने जताया था। इस रिपोर्ट के बाद शीर्ष स्तर पर 8 हजार लोगों के आने की संभावना कोदेखते हुए काम करने कहा था। लेकिन जिले में बैठे अफसर तमाम रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए घर में ही बैठे कर तमाशा देखते रहे।
सीएम सचिवालय में सीनियर अफसरों की नियुक्ति…
मंत्रालय से लेकर जिलों तक आगामी दिनों फेरबदल होने की सुगबुगाहट चल रही है। दिल्ली में पदस्थ कई अधिकारी छत्तीसगढ़ वापसलौट रहे हैं। जिन्हें अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। कुछ अधिकारी वर्षों से प्रदेश में सेवा कर रहे हैं उन्हें भी महत्व मिल सकता है। सीएमसचिवालय में सीनियर अफसर की नियुक्ति की चर्चाएं लंबे समय से चले रही है। इस बीच सत्ता और संगठन के प्रमुख लोगों के बीचचर्चा के बाद तीन–चार नामों पर सहमति बनी है। इन नामों पर दिल्ली में भी चर्चा चल रही है। इसी माह सीएम सचिवालय में सीनियरलेवल के अधिकारी की नियुक्ति की चर्चा है। मंत्रालय से लेकर जिलों तक कसावट लाने और काम–काज को गति देने के लिए साफसुथरी छबि के काम–काज में दक्ष्य सीनियर अफसरों के नियुक्ति से केंद्र व राज्य सरकार की फेलोसिप योजनाओं और आम लोगों कीसमस्याएं को हल करने में लाभ मिल सकता है।
व्यापारी नेताओं के बंगले में एन्ट्री पर रोक
भाजपा सरकार आने के बाद सत्ता के गलियारे में सक्रिय रहने वाले व्यापारीनुमा नेताओं को किनारे करते हुए काम करने की सलाहसंगठन के पदाधिकारियों ने मंत्री व विधायकों को दिया है। रमन सिंह के 15 साल के सरकार में सक्रिय रहने वाले कई भाजपा केदिग्गज नेता और बड़े व्यापारियों ने भूपेश सरकार के 5 साल में भी मजे किए हैं। इन लोगों के सत्ता के गलियारे में फिर सक्रिय होने सेविष्णुदेव साय सरकार के छवि में नुकसान होने की आशंका व्यक्त की गई है। ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा के उपेक्षित नेताओं कोसामने लाकर सत्ता और संगठन के बीच समन्वय के साथ काम करने की भी सलाह पावरफुल लोगों को दी गई है। सत्ता के गलियारे मेंघूमने वाले खराब छवि के दलालनुमा व्यापारियों व नेताओं को बंगले में एन्ट्री आसानी से नहीं मिल पाएगी।
नितिन नबीन बैजनाथ धाम के पथ निर्माण में सक्रिय
संसद में राहुल गांधी ने भगवान शंकर का चित्र बार–बार दिखाकर हिंदुत्व का कार्ड खेलकर एक नई लकीर खीचने की कोशिश की है।इसको लेकर देशभर में हंगामा मचा हुआ है। इधर छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी नीतिन नवीन पिछले एक दशक से बाबा बैजनाथ धाम केकरीब 100 किलोमीटर मार्ग को भक्तों के लिए मखमली बनाने के प्रयास में जुटे है। नितिन नबीन बिहार सरकार में लंबे समय से लोकनिर्माण मंत्री है। बाबा बैजनाथ धाम के पथ निर्माण का काम बड़ी सिद्दत के साथ हर साल करते है। बैजनाथ धाम में हर साल करोड़ोंलोग पैदल चलकर भगवान में जल चढ़ाते है। इन दिनों नितिन नबीन बड़ी सक्रियता के साथ भगवान की सेवा में जुटे है। बिहार सरकार मेंलगातार मंत्री छत्तीसगढ़ के प्रभारी सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने को भगवान शंकर का ही आर्शीवाद भी मानते है।
चेम्बर में घमासान
सराफा चुनाव नतीजे के बाद चेम्बर की राजनीति गरमा गई है। सराफा एसोसिएशन के चुनाव में चेम्बर अध्यक्ष अमर पारवानी समर्थकोंको बुरी हार का सामना करना पड़ा है।
पारवानी के विरोधी एकता पैनल के मुखिया श्रीचंद सुंदरानी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने 9 तारीख को एक होटल में बैठक रखी है। बैठक मेंचेम्बर का चुनाव जल्द कराने और बिजनेस कारीडोर पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यानी व्यापारी संगठन में घमासान मचने के आसारहैं।
