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समग्र ब्राह्मण परिषद् द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर पंचोपचार पूजन सहित छाछ वितरण.

समग्र ब्राह्मण परिषद् द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर पंचोपचार पूजन सहित छाछ वितरण.

आज विप्रकुल शिरोमणि भगवान श्री परशुराम के अवतरण दिवस पर समग्र ब्राह्मण परिषद् छत्तीसगढ़ द्वारा भगवान श्री परशुराम का पंचोपचार पूजन कर आरती की गयी.
संगठन की प्रदेश सचिव श्रीमती अर्चना दीवान ने आयोजन के विषय में जानकारी देते हुये बताया कि पुरानी बस्ती स्थित श्री महामाया देवी मंदिर परिसर में पं.देवेन्द्र तिवारी के आचार्यत्व में संगठन के समस्त सहयोगियों द्वारा भगवान श्री परशुराम जी का सामूहिक रूप से पंचोपचार पूजन कर आरती की गई. इस अवसर पर उपस्थित सभी संगठन सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद बाँटा गया. प्रसाद वितरण के बाद “भगवान श्री परशुराम जी प्रागट्य पर्व” पर चर्चा को संबोधित करते हुए संगठन के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष पं.शैलेन्द्र रिछारिया ने कहा कि हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन अक्षय तृतीया के साथ ही इस दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है. अक्षय तृतीया के दिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया पर भगवान परशुराम भार्गव वंश में जन्मे भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं. उनका जन्म त्रेतायुग में हुआ था. पौराणिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था, इसलिए उनकी शक्तियां अक्षय मानी जाती है परशुराम का जब जन्म हुआ था, तो उनका नाम राम था लेकिन आगे जाकर भगवान शिव से उन्हें कई अद्वितीय शस्त्र भी प्राप्त हुए. महादेव ने ‘राम’ को परशु जिसे फरसा या कुल्हाड़ी भी कहते हैं, भेंट की थी. परशु मिलने के बाद उनका नाम परशुराम पड़ गया, अर्थात परशु रखने वाला राम. तभी से उन्हें परशुराम कहा जाने लगा. पृथ्वी पर साधु-संतो और ऋषि-मुनियों की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में जन्म लिया था. समग्र ब्राह्मण मातृशक्ति परिषद् छत्तीसगढ़ की प्रांत प्रमुख श्रीमती प्रमिला तिवारी एवं प्रवक्ता डा.श्रीमती आरती उपाध्यक्ष ने भगवान परशुराम जी के अनुकरणीय जीवन चरित्र से संबंधित जानकारी देते हुये बताया कि भगवान परशुराम ने क्रोध के समय भी अपनी बुद्धि और विवेक को कभी नहीं खोया, फिर भी वे उच्च स्वभाव के देवता माने जाते हैं. उन्होंने समय के विभिन्न चरणों में अपने व्यक्तित्व का अपनी बुद्धिमत्ता और निर्णय लेने की क्षमता पर कभी प्रभाव नहीं पड़ने दिया.
चर्चा समाप्ति के पश्चात्‌ संगठन सहयोगियों द्वारा बुढ़ेश्वर मंदिर चौक में राहगीरों को छाछ एवं चना प्रसाद का वितरण किया. छाछ वितरण के साथ-साथ संगठन मातृशक्ति परिषद् की बहनों द्वारा धार्मिक साहित्य पढ़ने के इच्छुक राहगीरों को श्रीमद्भागवत् गीता एवं श्री हनुमान चालीसा का भी वितरण किया गया.
इस आयोजन में संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत राजेश शर्मा, पं.शैलेन्द्र शर्मा एवं क्रांति कुमार अग्रवाल का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ.
इस अवसर पर श्रीमती स्वाति मिश्रा, पं.विवेक दुबे, पं.दीपक शुक्ला, पं.श्रीकांत तिवारी, पं.अखिलेश त्रिपाठी, पं.कमलेश तिवारी, पं.पृथ्वी दुबे, पं.विजय पांडेय, पं.पृथ्वी दुबे, पं.अमित जोशी एवं डा.भावेश शुक्ला “पराशर” सहित रायपुर शहर निवासी समस्त संगठन सहयोगी उपस्थित थे.

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