बिलासपुर

गोल बाजार‌ स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर‌‌ निगम‌ कर्मी ने किया कब्जा विश्व हिन्दू परिषद ने किया विरोध

गोल बाजार‌ स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर‌‌ निगम‌ कर्मी ने किया कब्जा
विश्व हिन्दू परिषद ने किया विरोध

– सुरेश सिंह बैस

बिलासपुर। स्थानीय‌ गोल बाजार के पास स्थित प्राचीन मंदिर पर कब्जा और उसे दुकान के रूप में किराए पर उठा दिए जाने का मामला तूल पकड़ चुका है। मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद समेत हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले का खुलासा किया, जिसके बाद अब मामले की जांच की जा रही है। नगर के गोल बाजार में घड़ी, जूते और क्रोकरी की दुकानों के पीछे एक छुपा ढंका हुआ मंदिर भी है,

यह आम लोगों को तो दूर, यहां दुकान चलाने वालों को भी नहीं पता था। हालांकि गोल बाजार व्यापारी संघ ने इसकी शिकायत काफी पहले भी नगर निगम से की थी। यहां पर एक प्राचीन सिद्ध हनुमान मंदिर है। यह मंदिर 100 साल से भी अधिक पुराना है। बताया जा रहा है कि यहां तिवारी परिवार द्वारा पीढ़ी दर पीढ़ी पुरोहित का काम किया जा रहा है। अपने पिता की परंपरा को आगे बढ़ते हुए सुरेश तिवारी भी मंदिर के पुजारी थे जो बाद में नगर निगम में कर्मचारी बन गए, लेकिन उन्होंने मंदिर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया।इतना ही नहीं उन्होंने मंदिर के कमरों को किराए पर भी उठा दिया, जिसमें अनवर ने क्रोकरी तो शिमला बूट हाउस वाले ने जूते का गोदाम बना लिया। जब इसकी जानकारी हिंदू संगठनों को हुई तो उनका पारा चढ़ गया। मंदिर में जूते का गोदाम बनाए जाने को उन्होंने बेहद आपत्तिजनक बताते हुए विरोध किया। इसके बाद किराए पर देने वाले को बुलाया गया तो सुरेश तिवारी ने अपने बेटे को मौके पर भेज दिया जो दावा करने वालों की यह जमीन उनकी पुश्तैनी है, जिस पर मंदिर बना हुआ है। साथ ही यहां बने कमरे भी उन्हीं के हैं, लेकिन जब उनसे जमीन के दस्तावेज मांगे गए तो वे इसे पेश नहीं कर पाये। आसपास के लोगों का कहना है कि यह प्राचीन और सार्वजनिक मंदिर है, जिसमें नियुक्त पुजारी परिवार ने धीरे-धीरे इस मंदिर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और व्यावसयिक लाभ लेते हुए मंदिर के ही कमरों को किराए पर भी उठा दिया । और यह कदम धार्मिक भावना को आहत करने वाली है। इसे लेकर सुरेश तिवारी के खिलाफ नगर निगम और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कर दी गई है। साथ ही हिंदू संगठनों ने निर्णय लिया है कि इस मंगलवार शाम को इस मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर मंदिर को विधर्मियों से मुक्त कराया जाएगा। इधर यह जानकारी भी मिली है कि जिनका काम मंदिर में पूजा करना था उन्होंने 40 हजार रुपये प्रति महीने के किराए पर कमरों को उठा दिया और यह किराया वे कई सालों से प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन जब उन्हें जीर्ण शीर्ण मंदिर के जीर्णोद्धार की बात कही गई तो उन्होंने ऐसी किसी भी जरूरत से इनकार कर दिया। इधर निगम कमिश्नर अमित कुमार और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी विजय चौधरी ने भी दो दिनों में जांच कार्यवाही की बात कही है।

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