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फदहाखार में मिली अधजली अज्ञात लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई

फदहाखार में मिली अधजली अज्ञात लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई

– सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। एक दिन पहले फदहा खार के जंगल में मिली अधजली लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। घरेलू विवाद में सौतेली मां और सौतेले भाइयों ने ही युवक की हत्या की थी। रविवार सुबह सुनसान बबुल के जंगल में एक अध जली लाश की सूचना पाकर पुलिस पहुंची थी। जांच के दौरान मृतक के पेंट की जेब से एक नंबर मिला था जिसको आधार बनाकर ही पुलिस हत्यारों तक पहुंच पायी। जांच में पता चला कि युवक के सर पर वार कर उसकी हत्या की गई थी तो वहीं उसकी पहचान छुपाने की नीयत से जुट के बोरे से ढक कर शव को आग लगा दिया गया था। मृतक की जेब से मिले नंबर के आधार पर पुलिस यह पता लगा पायी कि मृतक जांजगीर चांपा जिले के बर्रा रोड चाम्पा निवासी 26 वर्षीय रवि साहू है । यह भी पता चला कि रवि साहू का अपनी सौतेली मां और भाइयों से अक्सर विवाद होता था। 31 जनवरी की सुबह भी आवेश में आकर रवि साहू ने अपने ही घर में आग लगा दी थी, जिससे घर का काफी सामान जल गया था। इस घटना के बाद दोपहर करीब ढाई बजे एक बार फिर से रवि साहू का अपने सौतेले भाइयों और माँ से विवाद हुआ था, जिसके बाद से रवि दिखाई नहीं पड़ा था। संदेह के आधार पर पुलिस ने मृतक की सौतेली मां और उसके नाबालिग भाइयों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि रवि साहू अक्सर उनके साथ विवाद किया करता था। 31 जनवरी की दोपहर भी 3:00 बजे रवि साहू बुरी तरह झगड़ रहा था, जिससे तंग आकर सौतेले भाइयों ने लोहे के पाइप से उसके सर पर लगातार वार किया था, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों नाबालिग भाइयों ने सबूत छुपाने की नीयत से किराए का अर्टिगा कार मंगाई। वाहन क्रमांक सीजी 11 BJ 7961 में अपने ड्राइवर सुनील यादव के साथ शव को लेकर यह लोग फदहा खार के जंगल में पहुंचे, जहां शव को रखकर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दिया गया।
मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की सौतेली मां हेमलता साहू, शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले ड्राइवर सुनील यादव और मृतक के दो नाबालिग भाइयों को गिरफ्तार किया है।जिस तरह से खार में अधजली लाश मिली थी, उसकी पहचान जुटाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन अपराधी कितना भी शातिर क्यो न हो, अपने पीछे कोई ना कोई सुराग छोड़ ही जाता है। इस मामले में भी मृतक की जेब से मिला नंबर अपराधियों तक पहुंचाने का माध्यम बना।

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