
भाजपा महिला मोर्चा ने सीएम का किया पुतला दहन ,शराब घोटाला उजागर होने पर मांगा इस्तीफा
भूपेश बघेल का केवल एक ही काम है- लूट, खसूट और भ्रष्टाचार
बालोद/ शब्बीर कुरैशी/ 09 मई – छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपये के उजागर हुए शराब घोटाले मामले को लेकर कांग्रेस सरकार का विरोध करते हुए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने मंगलवार को स्थानीय जयस्तंभ चौराहे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और आबकारी मंत्री कवासी लखमा का पुतला दहन किया। जोरदार नारेबाजी करते हुये मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा बालोद जिलाध्यक्ष दीपा साहू भी शामिल हुई। इस दौरान पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच जमकर झूमा झपटी भी हुई। भाजपा महिला मोर्चा के द्वारा मुख्यमंत्री के पुतला दहन को रोकने जयस्तंभ चौक में पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद थे। लेकिन पुतला दहन करने के लिए नया ही पैंतरा अपनाया। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने घेरा बनाकर पुतला बीच में रख लिया। इस दौरान जब पुलिस के जवान अंदर घुसने की कोशिश करने लगे तो उन्होंने रोक दिया। इस तरह करीब एक मिनट में सीएम व आबकारी मंत्री का पुतला जला दिया। पुलिस जवान किसी तरह जब तक अंदर पहुंचे तब तक पुतला दहन हो चुका था। इसके बाद झूमा झपटी के बाद कार्यक्रम खत्म हुआ। इस अवसर पर अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री शाहिद खान, जिला भाजपा उपाध्यक्ष राकेश यादव छोटू, जिला मंत्री शरद ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर, शहर मंडल बालोद अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष प्रेम साहू, गुरुर मंडल अध्यक्ष कौशल साहू, महामंत्री बीरेंद्र साहू, युवा मोर्चा शहर अध्यक्ष रौनक कत्याल, ग्रामीण महिला मोर्चा अध्यक्ष रश्मि साहू, पूर्व पार्षद अंबिका यादव, पार्षद कमलेश सोनी, राजीव शर्मा, संजय साहू, डोमेंद्र साहू, गणेश साव आदि मौजूद रहे।
पुतला दहन में नहीं जुटे भाजपाई, जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम में कार्यकर्ता रहे नदारद:
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के आव्हान पर कथित शराब घोटाले के मुद्दे पर पुतला दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जयस्तंभ चौराहे पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार की मौजूदगी में यह कार्यक्रम किया गया। लेकिन पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान भीड़ जुटाने में भाजपाई असफल नजर आए और जो कार्यकर्ता मौजूद थे, वह कार्यकर्ता केवल सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डालने के लिए उत्साहित दिखाई दिए। चंद मिनटों में ही पुतला दहन करके नारेबाजी कर कर्तव्य से इतिश्री कर दी गई। जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिला कार्यकर्ताओं में उत्साह ना होना और संख्या के हिसाब से कम लोगों की मौजूदगी भी कई मामलों की ओर इशारा करती है। देखना होगा चुनावी साल में आगामी कार्यक्रमों में किस तरह के नजारे देखने मिलते हैं।
शराब घोटाले के किंगपिन हैं भूपेश बघेल:
इस अवसर पर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष दीपा साहू ने कहा कि कई सवाल हैं, जो जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस शराब घोटाले के किंग हैं, उनकी मर्जी के बिना पत्ता तक नहीं हिलता तो इतना बड़ा घोटाला कैसे हो सकता है। इसका मतलब साफ है कि बघेल की जानकारी में यह घोटाला हुआ। छत्तीसगढ़वासियों ने सोचा भी नहीं था कि शराबबंदी का वादा करने वाली कांग्रेस शराब घोटाला करके 2 हजार करोड़ डकार लेगी। श्रीमती साहू ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने जनता से शराबबंदी का वादा करके वोट लिया था और अब ईडी ने कांग्रेस नेता और रायपुर के महापौर ऐजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर 2 हजार करोड़ से अधिक के शराब घोटाले का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार न केवल इस घोटाले को बल्कि कोल, आयरन पैलेट्स, रेत, ट्रांसपोर्ट घोटाले आदि को अंजाम दे रही थी। ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
शासकीय खजाने को अरबों का लगा चूना:
पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रतिभा चौधरी ने कहा कि प्रदेश से लूटी गई रकम देश में कांग्रेस के से चुनाव का खर्च वहन होता है। बड़ी संख्या में ऐसी कच्ची और देसी शराब प्रदेश भर के दुकानों में खपाई गई है जिसको वैध तरीके से भी बेचा नहीं जा सकता है, ऐसी शराब से शासकीय खजाने को तो अरबों का चूना लगा ही जनता के स्वास्थ्य और उनकी जान को भी खतरे में डाला गया। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। बालोद शहर मंडल अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर ने कहा कि शराब घोटाले और अन्य कई प्रकार के भ्रष्टाचार से कांग्रेस द्वारा पैसे की उगाही की जा रही है। ईडी के अनुसार घोटाले के इस रकम में से अपना कमीशन रख कर अनवर ढेबर शेष राशि पॉलिटिकल मास्टर को सुपुर्द कर दिया करता था।
