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संड्रापल्ली पोटाकेबिन अधीक्षक को जिला प्रशासन ने किया निलंबन

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छत्तीसगढ़ वाॅच ब्यूरो

बीजापुर -: विदित हो कि जिलें के आश्रम छात्रावास पोटाकेबिन के जिम्मेदार अधीक्षक अधीक्षिका संस्थाओं को और बच्चों को छोड़कर निवास पर न ठहरने की कलेक्टर के शक्त निर्देश का संड्रापल्ली पोटा केबिन अधीक्षक पर कोई असर नहीं पड़ा । शुरुआती दौर में शासन प्रशासन उस अधीक्षक की नियुक्ति करने के दौरान नक्सली पीड़ित हैं आए दिन विवादों से घिरा रहता हैं । इस लिहाज से अखबारों में खबर प्रकाशित कर नियुक्ति का विरोध ही नहीं बल्कि जिम्मेदारों को आगाह भी किया था । आखिर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार नुमाइंदे अनसुना कर अधीक्षक का जिम्मा सौंपा । अधीक्षक रात को घर में रुकता रहा , बेटा पोटा केबिन में रात को रुकता रहा । संड्रापल्ली के ग्रामीणों की मानें तो पोटा केबिन का संचालन और बच्चों को भोजन भी सही ढंग से नहीं उपलब्ध होता रहा था । अब करें तो क्या करें परेशान अभिभावक अधीक्षक के कार्य पर निगरानी के डोर डाल रखें थें । इस बीच 15 सितंबर 2022 को संड्रापल्ली के उप सरपंच कुरसम कंतेया पोटाकेबिन का निरीक्षण करने गए थें । अधिक्षक का बेटा जातिगत गाली-गलौज करते हुए मारपीट किया । ग्रामीणों ने पहला दफा समझकर मानवता का परिचय देते हुए आपस में बैठक कर निर्णय लिया कि एक बार माफ किया जाय । बावजूद इसके अधीक्षक गलती करने से बाज नहीं आया । दशहरा छुट्टी में पोटा केबिन के बच्चे घर जाने के बाद मौका पाकर अरदली पर दबाव बनाकर बच्चों का 35 क्विंटल राशन दो दिन से बंद पड़ा मिल में पाॅलिस कराने के नाम से ट्रेक्टर में भरकर रुदरारम ले गया था । इससे सहज अंदाज लगाया जा सकता है कि जिलें में संचालित 28 पोटा केबिन में से एक पहला अधीक्षक ठहरा जो बच्चों को चांवल पालिसी कराकर भोजना का व्यवस्था कराने वाले अधीक्षक रहे । लेकिन उनके कार्य में विफल हो गए । अलबत्ता गांव वालों ने अधीक्षक की कार्यप्रणाली को भांप लिया और सच की पड़ताल करने जब मिल पहुंचे तो गांव वालों को देखकर अधीक्षक अक्का बक्का रहे गया । सोसायटी के बोरे से चांवल को अधीक्षक ने निजी सफेद बोरियों में डालकर संभवतः बेचने के फिराक में रहा होग। अधीक्षक की सोची समझी रणनीति में सफल हो जाता उससे पहले गांव वालों ने रणनीति पर पानी फेर दिया । बच्चों के राशन डकैती करने का मामला किसी तरह कलेक्टर के इर्द-गिर्द मंडराने लगा । कलेक्टर ने विलंब किए त्वरित कार्रवाई करते हुए अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबन कर दिया । निलंबन अवधि में खंड शिक्षा अधिकारी उसूर विकास खंड में निर्धारित किया गया ।

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