देश दुनिया वॉच

पुलिसकर्मी के घर सैक्स रैकेट मामले में खुलासा: डॉक्टर्स, बिल्डर्स और नेताओं के पास भेजी जाती थी लड़कियां

Share this

पटना के सुभाष नगर रोड नंबर 3 में पुलिसकर्मी के घर पर चल रहे सैक्स रैकेट मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस छानबीन में पता चला है कि देह व्यापार के इस रैकेट का सरगना टेल्को में काम करने वाला एक इंजीनियर है। आरोपी दिनेश कुमार पेशे से इंजीनियर है और झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला है। ये देह व्यापार सिर्फ राजधानी पटना तक ही सीमित नहीं था, बल्कि दिनेश और उसके सहयोगी रांची और जमशेदपुर के अलावा भी कई और जगहों पर रैकेट चला रहे थे।

लड़कियों ने उठाया कई और हैरान करने वाले बातों से पर्दा
इस मामले में हिरासत में ली गई लड़कियों ने कई और हैरान करने वाले बातों से पर्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि रेट घंटे और दिन के हिसाब से तय थे। बाहर ले जाने के लिए अलग से चार्ज देना पड़ता था। केवल आम लोग ही लड़कियों के पास नहीं आते थे, बल्कि डॉक्टर्स, बिल्डर्स और कई राजनेताओं के पास भी इन लड़कियों को भेजा जाता था। वहीं लड़कियों के रेट कस्टमर के हिसाब से तय थे, जैसा कस्टमर होता लड़की का रेट उसी हिसाब से बताया जाता था।

आपत्तिजनक हालत में मिले थे 5 लड़की और 4 लड़के
बता दें कि रविवार की रात राम कृष्णा नगर थाना पुलिस ने सुभाष नगर, रोड नंबर 3 में एक मकान में छापेमारी कर इस सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने जिस मकान में छापेमारी की, उस पर नवल किशोर नाम के एक पुलिस वाले की नेम प्लेट लगी था। वहीं पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है कि इस धंधे में पुलिस के किसी अधिकारी का हाथ तो नहीं है। वहीं पुलिस के घर पर रेड मारकर 5 लड़कियों और 4 लड़कों को आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार किया था, इनमें संचालक की सहयोगी ममता कुमारी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।

1 घंटे के 1500 तो एक रात के 3500 था रेट
पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि कई बड़े लोगों के पास भी उन्हे सप्लाई किया जाता था। लड़की को भेजने से पहले कस्टमर के पास चॉइस के लिए लड़की की फोटो भेजी जाती थी। लड़की पसंद करने के बाद उसके रेट बताए जाते थे। 1 घंटे के लिए 1500 रुपए रेट तय थे, जबकि एक रात के लिए 3500 रुपए था। इसके अलावा अगर कोई कस्टमर लड़की को अपने साथ बाहर ले जाना चाहे तो उसके लिए मोटी रकम अदा करनी पड़ती थी।

‘मजबूरी का फायदा उठाकर धंधे में धकेला जाता था’
गिरोह की सरगना ममता ऐसी लड़कियों की तलाश करती थी जो परिवार या पति से परेशान होकर घर से अलग रह रही हों। वह मजबूर लड़कियों को ही अपना शिकार बनाती थी। नौकरी का झांसा देकर इस धंधे में धकेल देती थी। पकड़ी गई लड़कियां बिहार के कई जिलों के अलावा कोलकाता की रहने वाली बताई जा रही हैं।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *