प्रांतीय वॉच

चंदन प्लांटेशन में सुरक्षा की खुली पोल…चोरों ने बोला धावा…चंदन के 9 पेड़ काटे…खोजबीन शुरू 

कोरिया वॉच ब्यूरो – कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में स्तिथ इकलौता चंदन प्लांटेशन में कड़ी सुरक्षा का वन विभाग दावा करता है वहां चोरों ने फिर से धावा बोल चन्दन के 9 पेड़ काट डाले।हालांकि वन विभाग ने एक चन्दन चोर को  पकड़ने में कामयाबी पाई और ढाई क्विंटल चंदन की लकड़ी जब्त की लेकिन,बाकी चोर चकमा देकर फरार होने में सफल हो गए।जानकारों का मानना है कि यदि नर्सरी में लगे चंदन के पेड़ों की गिनती की जाये तो सैकड़ो पेड़ प्लांटेशन से गायब मिलेंगे।जबकि लगभग दो सौ हेक्टेयर में फैले कीमती चंदन के पेड़ों की सुरक्षा में सालाना लाखों खर्च किया जाता है बावजूद चन्दन पेड़ो की सुरक्षा कर पाने में वन विभाग पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।

कोरिया में चन्दन प्लांटेशन का इतिहास

कोरिया जिले में हसदेव नदी के किनारे स्थित हसदेव नर्सरी की आधारशीला 1950-1951 में रखी गई थी। सन् 1955 में तीन किलो सफेद चंदन का बीज बैंगलोर से लाकर तत्कालीन वनमण्डल अधिकारी को लगाने के लिए दिया गया  था। तब उन्हें बड़ा आश्चर्य लगा,कि सफेद चंदन के लायक यहां की जलवायु नहीं है। यह मैसूर और कर्नाटका में होता है इसे यहां लगाना बेकार है। पर अब आज वही चंदन के पेड़ बड़े हो गए हैं। जहा अब तस्करों की नजर हैं,जबकि नर्सरी में लगे चंदन पेड़ो के बीज से लाखों पौधे तैयार किए गए हैं जिसे  बस्तर रायपुर संभाग में ले जाकर लगाए गए हैं। नया रायपुर विधानसभा के पास भी बड़ी मात्रा में इसी नर्सरी के पौधे लगाए गए हैं ।कोरिया जिले में भी कई जगह पौधे लगाए गए हैं। इनकी खुशबु और तेल कर्नाटका के समकक्ष है।इन पेड़ाें की एक किलो लकड़ी की कीमत हजारों रुपये  हैं।

विदित हैं कि मनेन्द्रगढ़ वन मंडल के बिहारपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत हसदेव नर्सरी में चंदन के 9 पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। वन विभाग के3 अधिकारियों के सुस्त कार्यप्रणाली से चन्दन प्लांटेशन में चोर हावी नजर आ रहे है। जानकारी अनुसार चंदन तस्कर  रविवार की रात को  हसदेव नर्सरी के फेंसिंग में लगी जाली को काटकर अंदर घुसे थे। जैसे ही इस बात की जानकारी वन अमले को सुबह  मिली उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी।  जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सुबह लगभग 8 बजे वन अमले को देखकर चंदन तस्कर भागने लगे,जिन्हें दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश की गई और एक आरोपी को पकड़ लिया गया। वही मौके का फायदा उठाकर चार चंदन तस्कर लकड़ी छोड़ कर भागने में सफल हो गये।जहा सवाल यह उठता हैं कि जब चोर रात्रि में फेसिंग काट कर घुसे तो इसकी जानकारी सुरक्षा में लगे विभाग के जिमेदारो को कैसे नही हुई वही सुबह 8 बजे जानकारी मिलना कहि न कही विभागीय उदासीनता की ओर संकेत करता हैं फिर भी वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एक आरोपी को पकड़ अपनी पीठ थप-थपा रहे है। पकड़े गये आरोपी का नाम बालकृष्ण पवार आ. कालेदास उम्र 34 वर्ष जाति बेहेलिया निवासी सिरपुरा जिला – डिंडौरी (म.प्र.) है ।वही अन्य आरोपी भी मध्यप्रदेश के ही होने की आशंका हैं जिसकी खोजबीन जारी हैं

बिहारपुर वन  परिक्षेत्र के प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी शंखमुनि पांडेय से जब चर्चा की गई तो उन्होंने गैर जिम्मेदाराना जवाब दिया, उनसे पूछा गया कि इतनी सुरक्षा के बाद चोर कैसे प्लांटेशन में कैसे घुसे तो उन्होंने कहा कि बैंक में भी सुरक्षा रहता है फिर भी चोरियाँ हो जाती है।खैर आरोपियों द्वारा अवैध रूप से चन्दन के 9 नग वृक्ष हसदेव के कक्ष क्र. 768 में काटे गये है। जिसमें 2.50 क्विंटल चन्दन के लकड़ी की जप्ती की गई है। अवैध चन्दन की कटाई का कार्य करने वाला आरोपी पूर्व से आदतन अपराधी है। आरोपी के बयान के बाद उसके अन्य साथियों की वन विभाग द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है। आरोपी के विरुद्ध वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही करके उसे न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है। वही रात की घटना सुबह जानकारी मिलना व गस्ती को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

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