रायपुर वॉच

तिरछी नजर : घेरे में आएंगे सुभाष धुप्पड़?

आरडीए अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़ पर गलत जानकारी देकर अपने नाम पर जमीन हथियाने आरोप लगा है । यह मामला भले ही काफी पुराना है लेकिन उनके ही करीबी लोग प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट चले गए हैं।

बताते हैं कि धुप्पड़ का परिवार मूलतः पाकिस्तान का रहने वाला है । बंटवारे के बाद आ गए और रायपुर में शिफ्ट हो गए। उस समय विस्थपितों को सरकार ने सुविधाएं और मुआवजा आदि भी दी थी ।धुप्पड़ के परिवार को भी सब कुछ मिला । शिकायत में यह बताया गया कि धुप्पड़ ने खुद को विस्थापित बता कर राजकुमार कालेज के किनारे की मुख्य मार्ग पर स्थित 14 हजार वर्गफीट बेशकीमती क्षजमीन 1980 में आबंटित करवा ली । धुप्पड़ स्व.विद्याचरण शुक्ल के करीबी होने का फायदा मिला और पेट्रोल पंप भी खोल लिया । जबकि सुभाष धुप्पड़ का जन्म रायपुर में हुआ था । धुप्पड़ के जन्म प्रमाणपत्र समेत सारी जानकारी का दस्तावेजी प्रमाण जुटाए गए हैं। एक पूर्व पार्षद ने कई जगहों पर शिकायत की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ । अब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जांच की मांग की गई है ।जमीन आबंटन निरस्त करने का आग्रह किया गया है । यह लड़ाई अब लोगों की जुबान पर है । चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तो गड़े मुर्दे भी उखड़ रहे हैं । धुप्पड़ इसका सामना कैसे करते हैं, यह देखने वाली बात होगी ।

शरद पवार और रमन सिंह..

एनसीपी नेता शरद पवार को आईटी की नोटिस मिला है । उनके चुनाव में दिए हलफनामे के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का होना बताया जा रहा है । आप सोच रहे होंगे कि छत्तीसगढ़ से इसका क्या लेना देना है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ठीक इसी तरह रमन सिंह की संपत्ति बढ़ी है। विनोद तिवारी इसको लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं । लेकिन इनकम टैक्स और अन्य जांच एजेंसी इस मामले में खामोश हैं । कांग्रेस अब इसको जोर शोर से उठाने जा रहे हैं ।

 

एम्बुलेंस से छापेमारी

आपके शहर में सरपट दौड़ती एम्बुलेंस क्या वाकई में गंभीर मरीज को इलाज के लिए ले जा रही है यह बड़ा सवाल है । पिछले दो दिन से चल रहे आईटी रेड के के लिए एम्बुलेंस का उपयोग किया गया । पहले आयकर अधिकारी बाराती बनकर छापा मारने आते थे अब नया तरीका एम्बुलेंस के उपयोग का है। एक कारोबारी के बंगले में एम्बुलेंस आसानी से अंदर तक घूस गया। फिर पता लगा आयकर अधिकारी है।

ज्यादातर लोग मानते हैं कि एम्बुलेंस का कोई दुरूपयोग नहीं कर सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव में एम्बुलेंस का उपयोग पैसा बांटने और शराब बांटने में भी हुआ था।


बिल्ली पालने का शौक़

एक अफसर को बिल्ली पालने का बड़ा शौक है। घर में 14 बिल्ली है । बिल्ली के घर में रहने से दूसरे जानवर नहीं आ पाते। इसीलिए यह अफसर लंबे समय से बिल्ली पालकर रखे हुए हैं। यह धारणा है कि बिल्ली का अशुभ होता है। परंतु यह अफसर तो हर दिन दो चार बिल्लियों को पार कर ही कामकाज की शुरूआत करते है। देखिए न अफसर को रिटायरमेंट के बाद ऊंचा पद भी मिल गया है ।

————–

क्रास वोटिंग का डर

राष्ट्रपति चुनाव के लिये पड़ोसी राज्य ओडि़सा की आदिवासी महिला को भाजपा ने प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू को समर्थन करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। छत्तीसगढ़ में आदिवासी कार्ड खेलने की रणनीति बेहद गंभीरता से चल रही है। कांग्रेस के आदिवासी विधायक भाजपा के राष्ट्रपति प्रत्याशी को समर्थन कर दें इसकी कोशिश चल रही है। भाजपा के नेता भी क्रास वोटिंग का खेल की संभावनाएं तलाश रहे है। आदिवासी समाज के पूर्व कई अफसर सामाजिक संगठनों के प्रमुख नेता मतदान के पहले आदिवासी समाज को सक्रिय करने भाग दौड़ में लगे हैं । दोपद्री के पक्ष में क्रास वोटिंग होती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी ।

————-

नड्डा और बैस में गुफ्तगू

झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस का छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में किस तरह उपयोग हो सकता है इसका मंथन शीर्ष स्तर पर चल रहा है। एक तरफ छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े भाजपा नेताओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से मिलने महीनों से समय नहीं मिल पा रहा है, तो दूसरी तरफ रमेश बैस से नड्डा ने छत्तीसगढ़ की राजनीति और रणनीति को लेकर लंबी चर्चा की है ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद रमेश बैस और नड्डा के बीच इस मंथन से क्या निकला है,इसको राजनीतिक पर्यवेक्षक भी टटोल रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *