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मौसम का हाल… मानसून की एंट्री वाला जून कई जिलों में रहा सूखा…रायपुर में ही केवल 43 फीसदी बारिश…

 रायपुर: मानसून की एंट्री का महीना जून इस बार छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में सूखा गुजरा है। औसत निकाला जाए तो जून के महीने में जितनी बारिश होती है, जून में उससे 27 फीसदी कम बारिश हुई है। लेकिन कई जिलों में बारिश इतनी कम है कि सूखे जैसे हालात होने लगे है। जशपुर में जून के औसत की 74 फीसदी कम वर्षा हुई, तो राजधानी में भी 43 फीसदी पानी ही जून में बरसा है यानी 57 फीसदी की कमी है।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आ रही है, लेकिन कोई मजबूत और प्रभावी सिस्टम नहीं होने की वजह से मानसूनी गतिविधियां अभी थोड़ी कमजोर है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में एक-दो जगहों पर ही भारी बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के शेष हिस्सों में हल्की से मध्यम या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की ही संभावना है।

प्रदेश में 19 जून को मानसून आया। इसके बाद से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन एक बार भी मूसलाधार बारिश कहीं नहीं हुई है। यही वजह है कि प्रदेश के ज्यादातर जिलों में जून के महीने में अब तक औसत से कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मानसून आने में थोड़ी देर हुई है। बारिश की गणना 1 जून से हो रही है।

इस वजह से वर्षा की कमी है, लेकिन यह भी सही है कि पिछले पखवाड़ेभर में मानसूनी गतिविधियां बहुत अधिक सक्रिय नहीं रही। इसका असर ये रहा कि महीने के आखिरी दिनों में भी पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश नहीं हुई। कुछ-कुछ हिस्सों में ही ऐसी बारिश हुई जिसे अच्छी कहा जा रहा है। उन इलाकों की वजह से थोड़ी भरपाई हुई इसलिए ओवरआल 27 फीसदी ही कम बारिश हुई है।

जिलेवार देखा जाए तो जशपुर में सबसे कम बारिश रिकार्ड की गई है। 1 जून से 1 जूलाई तक यहां 69.8 मिमी बारिश हुई, जबकि इस दौरान 271.6 मिमी पानी गिरना चाहिए। इस तरह 74 फीसदी कम बारिश हुई है। राजधानी रायपुर में भी महज 45 फीसदी पानी गिरा है। यानी यहां भी 55 फीसदी शार्ट है। प्रदेश के सिर्फ दो जिलों में ही संतोषजनक पानी गिरा है। कबीरधाम और मुंगेली में 24-24 फीसदी ज्यादा पानी गिरा है।

पिछले 24 घंटे में चौकी में ही भारी वर्षा : प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान सिर्फ अंबागढ़ चौकी में ही भारी बारिश हुई है। यहां 70 मिमी पानी गिरा है। डौंडीलोहारा, भैरमगढ़ और बीजापुर में 50-50 मिमी, चारामा, कटेकल्याण, केशकाल, मोहला, सरायपाली, नारायणपुर में 30, बड़ेराजपुर, डोंगरगांव, भोपालपट्टनम, पामगढ़, डौंडी, गरियाबंद आदि जगहों में 20 मिमी वर्षा हुई।शुक्रवार को दिन में जगदलपुर में 30.9 मिमी पानी गिरा। इसके अलावा अन्य कई जगहों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ छीटें पड़े।

नमी के असर से हल्की से मध्यम बारिश
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पूर्वी उत्तरप्रदेश से पश्चिम मध्य अरब सागर तक एक द्रोणिका बनी हुई है। उत्तरी राजस्थान और आसपास ऊपरी हवा में चक्रवात है। इस वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। 4 जुलाई को उत्तरी ओडिशा के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हो रहा है। इनके प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ने पर बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। प्रदेश में एक-दो जगहों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि शेष जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में आसमान में बादल रहेंगे तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

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