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देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ सेना और नौजवानों के साथ खिलवाड़ कर रही केंद्र : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

जशपुर। अग्निवीर देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. सेना के साथ और नौजवानों के साथ खिलवाड़ है. 6 महीने में मार्च पास्ट बराबर भी सीख नहीं पाएंगे. साढ़े तीन साल बाद रिटायर हो जाएंगे. चार साल की नौकरी को कोई स्वीकार नहीं कर रहा है. पहले वन रैंक वन पेंशन कह रहे थे, अब नो रैंक, नो पेंशन की बात हो रही है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए यह बात कही.

भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के लिए जशपुर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कुनकुरी में पत्रकारों से रू-ब-रू हुए. उन्होंने कहा कि आज जशपुर विधानसभा का कार्यक्रम है, हम लगातार जनता से फीडबैक ले रहे हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ ही जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही क्लाइमेट को देखकर फसल उगाने की ट्रेनिंग दी जा सकती है.

उन्होंने कहा कि कार्यों का जमीनी स्तर पर बेहतर ढंग से क्रियान्वयन हो रहा है. प्रशासनिक कसावट आई है. किसानों को योजनाओं का लाभ मिला है. कृषि के प्रति रुझान बढ़ा है. किसानों में संपन्नता आई है, उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है. यही नहीं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है. संस्कृति को बचाने के लिए देवगुडी के संरक्षण और जीर्णोद्धार सभी ब्लॉक में करने की घोषणा की है. हमने वन अधिकार पट्टा दिया है. मिलेट मिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है. वहीं लोगों की दिक्कतें दूर करने, बेहतर आवागमन के लिए सड़क निर्माण किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राजस्व विभाग से लगातार शिकायतें मिल रही हैं. राजस्व विभाग को दुरुस्त किया जाएगा, विसंगति को दूर करेंगे. वन विभाग को फलदार पौधे लगाने के निर्देश हैं. वन्य प्राणियों के लिए भी पानी की सुविधा हो. इस दिशा में नरवा कार्यक्रम से लाभ मिलेगा. वहीं रोजगार के क्षेत्र में निरंतर कार्य हो रहा है। बिजली बिल हाफ योजना का लाभ लोगों को मिल रहा है. उद्योग के लिए स्थानीय जनता को निर्णय लेना होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को पहले नक्सलगढ़ के नाम से जाना जाता था. हमने इसे परिवर्तित करने की कोशिश की है. अब छत्तीसगढ़ की पहचान बदल रही है. वहीं जांजगीर- जिले में राहुल के रेस्क्यू ऑपरेशन की चर्चा में कहा कि इसमें सभी का सहयोग रहा. डाक्टरों ने अथक मेहनत की. राहुल स्वस्थ होकर घर लौटा. ऑपरेशन की जितनी प्रशंसा की जाए कम है.

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