हिंदू धर्म( hindu dharm) में किसी भी कार्य को शुभ दिन, शुभ तिथि, शुभ मुहूर्त आदि को देखकर किया जाता है. इन सभी चीजों के बारे में पता लगाने के लिए पंचांग (Panchang) की आवश्यकता पड़ती है. जिसके माध्यम से आप आने वाले दिनों के शुभ एवं अशुभ समय के साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय, चन्द्रास्त, ग्रह, नक्षत्र आदि के बारे में विस्तार से जानकारी (information) कर सकते हें
दिन (Day) शनिवार
अयन (Ayana) उत्तरायण
ऋतु (Ritu) वसंत
मास (Month) चैत्र
पक्ष (Paksha) शुक्ल पक्ष
तिथि (Tithi) पूर्णिमा
नक्षत्र (Nakshatra) हर्षण
योग (Yoga) ध्रुव प्रात:काल 07:56 बजे तक तदुपरांत व्याघात
करण (Karana) विष्टि दोपहर 01:28 बजे तक तदुपरांत बव
सूर्योदय (Sunrise) प्रात: 05 : 55 बजे
सूर्यास्त (Sunset) सायं 06:47 बजे
चंद्रमा (Moon) कन्या राशि में रात्रि 08:01 बजे तक तदुपरांत तुला राशि में
राहु काल (Rahu Kaal Ka Samay) प्रात:काल 09:08 से 10:45 बजे तक
यमगण्ड (Yamganada) दोपहर 01:58 से 03:34 बजे तक
गुलिक (Gulik) प्रात:काल 05:55 से 07:31 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurt) प्रात:काल 11:55 से दोपहर 12:47 बजे तक
दिशाशूल (Disha Shool) पूर्व दिशा में
भद्रा (Bhadra) पूर्वाह्न 02:25 दोपहर 01:28 बजे तक
पंचक (Pnachak) —
पंचांग के पांच अंगों – तिथि, नक्षत्र, वार, योग एवं करण के साथ राहुकाल, दिशाशूल (Dishashool) , भद्रा (Bhadra), पंचक (Panchank), प्रमुख पर्व आदि की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते हैं।

