फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने भी दी अपनी रिपोर्ट
कमलेश लहोतरे/ बिलासपुर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर पार्सल पोर्टल संगठन जोनल अध्यक्ष
यशवंतराव हुमने ने
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल में
कार्यरत रेल सहायक कार्मिक अधिकारी रंजीत सिंह बेपारी ,मंडल रेल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी उदय भारतीय मुख्य कार्मिक अधिकारी आरके अग्रवाल के खिलाफ खमतराई पुलिस स्टेशन रायपुर में शिकायत दर्ज कराई गई है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर संगठन के जोनल अध्यक्ष युवराज यशवंतराव हुमने ने थाने में में लिखित शिकायत करते हुए आवेदन दिया है कि उपरोक्त रेल अधिकारियों के खिलाफ धारा 1208 ,166, 167, 201, 420 ,409, 468, 471, 473, 34, के तहत फौजदारी कार्यवाही करके अपराध दर्ज करने की शिकायत की है
जोनल अध्यक्ष युवराज यशवंत हमने ने थाना प्रभारी व पुलिस अधीक्षक को लिखित में शिकायत किया है कि प्रार्थी सामाजिक कार्यकर्ते व दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे बिलासपुर पार्सल पोर्टल संघटन मे जोनल अध्यक्ष पद पर कार्यरत है, दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे रायपुर मंडळ कार्यालय मे कार्यरत
रेल अधिकारी क्रमांक (१) सहा. कार्मिक अधिकारी रंजीत सिंह बेपारी अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षित वर्ग के जाली फर्जी जाती प्रमाणपत्र के आधार पर रेल्वे मे कई वर्षों से नोकरी कर रहे है किंतु दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे रायपुर मंडळ रायपूर मे नोकरी के चलते अनुसूचित जनजाति(ST) आरक्षित वर्ग के आरक्षण का फायदा लेने के लिए रंजीत सिंह बेपारी ने फर्जी अनुसूचित जनजाति (St) आरक्षित वर्गा आरक्षण का फायदा लेने के लिए रणजीत सिंग बेपारी ने जाली फर्जी दस्तावेज जाती प्रमाणपत्र बनवाये है
रणजीत सिंग बेपारी ने जाती व फर्जी अनुसूचित जन जाति(st) जाती प्रमाणपत्र के आधार पर दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे रायपुर मंडळ मे पिछले कई सालो से आरक्षण प्रवर्ग के सीट पर गैर कानूनी तरीके से नोकरी हासिल करके अपने पद व अधिकार का दुरुपयोग रेल्वे का रेनिव खर्चा कर रहे है माननीय उच्च न्यायालय नई दिल्ली Jagdish bhaira and other vs.fo. reported 2017Dop &T आदेशानुसार अनुसूचित जनजाति (St) के जाती फर्जी जाती करने वाले अधिकारी /कर्मचारीवर्ग की विभागीय जाच करने सेवानिवृत्ती से पहले रिकवरी करके बडतर्फ करने के आदेश दिये गये है
जोनल अध्यक्ष युवराज यशवंतराव ने कहा कि अनुसूचित जाती जनजाति आयोग छ.ग. द्वारा जाच भी हो चुकी है उसके बावजूद भी कार्यवाही नहीं किया जाना अनेक संदेह को जन्म देता है



