बिलासपुर। सहायक प्राध्यापक नर्सिंग और प्रदर्शक की भर्ती पर हाईकोर्ट की युगलपीठ ने रोक लगा दी है। कुल 91 पदों पर भर्ती होनी है, लेकिन केवल महिलाओं से आवेदन लिए जाने के कारण भर्ती की पूरी प्रक्रिया कानूनी दांव-पेंच में फंस गई है। बता दें कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग ने सहायक प्राध्यापक मतलब नर्सिंग के 33 और प्रदर्शक के 58 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किया था। इस भर्ती प्रक्रिया में केवल महिलाओं को ही पात्र मन गया।
छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती नियम 2013 की अनुसूची 3 का हवाला देते हुए इन पदों के लिए पुरुषों से आवेदन नहीं लिए जा रहे थे। इस अधिनियम के अनुसार केवल महिला अभ्यर्थियों की ही भर्ती की जा रही थी। केवल महिलाओं को ही पात्र मन गया है। इसी नियम को चुनौती देते हुए कोरिया और जशपुर जैसे जिलों के पुरुष अभ्यर्थी अधम कुमार किस्पोट्टा, एल्युस खालको, डॉ अजय कुमार त्रिपाठी और आदित्य सिंह ने अधिवक्ता घनश्याम कश्यप और नेल्सन पन्ना के माध्यम से चुनौती दी। याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस अरुण कुमार गोस्वामी और जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की युगलपीठ ने आगामी सुनवाई तक भर्ती की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

