रायपुर वॉच

तिरछी नजर : आईएफएस का जलवा

आईएफएस के 92 बैच के अफसर आलोक कटियार की इतनी शिकायतें हैं जितनी शायद ही किसी आईएफएस अफसर की हो l लेकिन हमेशा वो पावरफुल रहे l बताते हैं कि रमेश बैस से रिश्तेदारी की वजह से हमेशा मलाईदार ओहदे पर रहे हैं। आलोक क्रेडा के साथ ही साथ पीएमजीएसवाय के सीईओ हैं l उनके व्यवहार से तंग आकर क्रेडा के एक सीनियर इंजीनियर ने नौकरी छोड़ दी है l पीएमजीएसवाय में ड्राइवर तक हड़ताल पर चले गए थे l उनकी विदेश यात्रा हमेशा चर्चा में रहती है लेकिन सरकार चाहे कोई भी हो कटियार को हमेशा नजर अंदाज किया गया है l प्रशासनिक अफसर हंसी मजाक में कहते भी हैं कि किस्मत हो तो कटियार जैसी.

सीडी में क्या है ?

राजेश मूणत ने नया सीडी कांड का जल्द खुलासे की घोषणा की है l इससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मची है l सीडी में क्या है, इसको लेकर उत्सुकता है l एक बात साफ है कि कथित सीडी में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे राजनीतिक उथल पुथल हो l थोड़ा बहुत आरोप प्रत्यारोप से ज्यादा कुछ नहीं होने वाला है, जो लोग कथित सीडी को लेकर जानकारी रखते हैं वो बताते हैं कि बोगस सीडी है l कोई गंभीर बात होती तो दिल्ली के नेता यहाँ आ जाते l भाजपा के बड़े दिग्गज नेताओं के तो वैसे भी सरकार से मधुर संबंध हैं और जिनके संबंध अच्छे नहीं उनके खुद के करीबियों की सीडी होने की चर्चा है l चाहे कुछ भी हो तीन साल बाद मूणत सीडी के बहाने लाइमलाइट में आ गए हैं l

कांग्रेस के आरजी

कांग्रेस की राजनीति में आर.जी. शब्द का खूब चलन है। यह शार्टनेम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए (आर.जी.) उपयोग होता है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी पॉवरफुल नेता कांग्रेस कोषाध्यक्ष व नान के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के लिए भी आर.जी. शब्द का उपयोग होता है। कांग्रेस की आर्थिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने की महती जिम्मेदारी रामगोपाल अग्रवाल की है। रामगोपाल की रूचि के अनुसार कई बड़े फैसले होते हैं। हर बड़े काम पर पैनी निगाह रहती है। पर्दे के पीछे रहते काम करने के आदी आर.जी. मंत्रिमंडल के सदस्यों के बंगले तक में नहीं दिखते और आवेदन देने में रूचि भी नहीं दिखाते है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व भाजपा के कोषाध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल समधी हैं।

विदाई के बाद मलाईदार पोस्टिंग

कई अफसर ऐसे होते हैं जो रिटायर मेंट के बाद भी पावरफुल रहते हैं l बात रायपुर के एडिशनल कलेक्टर एन आर साहू की हो रही है l वे 31 दिसम्बर को रिटायर हुए l कर्मचारियों ने उन्हें फूल माला पहनाकर बिदा भी किया लेकिन अगले दिन उन्हें संविदा नियुक्ति मिल गई और वो उसी कुर्सी पर फिर बैठ गए l रिटायर मेंट के पहले एन आर साहू माइनिंग, नजूल, जैसा मलाई दार सेक्शन देखते थे l बाकी अफसरों को उम्मीद थी कि एन आर के हिस्से का काम मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ l संविदा पर होने के बाद भी वो मलाई दार सेक्शन संभाल रहे हैं l ऐसा इसलिए हो रहा है कि वो कांग्रेस के ताकतवर नेता के बहनोई है l एन आर के दबदबे से बाकी मायूस हैं l

खैरागढ़ में तैयारी पर फिरा पानी

खैरागढ़ चुनाव के घोषणा की हड़बड़ाहट में सरकार ने कई विकास कार्य मंजूर कर दिए और एक -दो विश्वास पात्र अफसरों की पोस्टिंग भी कर दी l ये अलग बात है कि चुनाव की घोषणा होते -होते रह गई l जिस अफसर की खैरागढ़ में पोस्टिंग पर खूब चर्चा हो रही है उनमें आईएफएस अफसर दिलराज प्रभाकर हैं l जिनके प्रशासनिक कैरियर का अब तक पूरा समय नांदगांव और कवर्धा इलाके में गुजरा है l वे कवर्धा में थे और उन्हें खैरागढ़ लाया गया है l प्रभाकर का खैरागढ़ में अच्छा संपर्क है l सरकार के रणनीति कारों का मानना है कि उनके संपर्क का कांग्रेस को फायदा मिल सकता है l मगर वाकई ऐसा होगा यह तो आने वाले समय में पता चलेगाl

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