प्रांतीय वॉच

कार्यालय में मेयर श्रीमती काटजू और जनप्रतिनिधियों ने सुना मुख्यमंत्री की लोकवाणी प्रसारण

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  • *स्वच्छता दीदियों द्वारा कबाड़ से 13 लाख 50 हजार और वर्मी कम्पोष्ट खाद से 10 लाख रु एकत्रित करना सशक्तिकरण का सबसे अच्छा उदाहरण है–महापौर जानकी काट्जू*
  • छत्तीसगढ़ मॉडल की सफलता का पैमाना–गांव खुशहाल होंगे तभी शहर में आएगी समृद्धि-मुख्यमंत्री

आशीष जायसवाल/रायगढ़। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के लोकवाणी 23वीं प्रसारण को मेयर श्रीमती जानकी काटजू सहित एमआईसी सदस्य और निगम के अधिकारी कर्मचारियों ने मेयर कार्यालय में एकत्रित होकर सुना। रेडियो प्रसारण कार्यक्रम के बाद मेयर श्रीमती काटजू ने कहा कि आर्थिक आय समृद्धता की पहचान होती है, जो रायगढ़ में भी देखने को मिल रही है। यही वजह है कि शहर की स्वच्छता दीदी अब घरों से लेने वाले सूखे कचरे से भी अतिरिक्त आय कमा रही हैं। इसी तरह गोबर खरीदी केंद्रों से बने वर्मी कंपोस्ट से स्वच्छता दीदियों को आर्थिक मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी की 23वीं कड़ी में “उद्यमिता और जनसशक्तिकरण का छत्तीसगढ़ मॉडल विषय पर प्रदेशवासियों से चर्चा की। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन के अवसर पर प्रसारित इस कड़ी की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित नेहरू को बच्चों से बहुत प्यार था।
मुख्यमंत्री जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं चाहूंगा कि आप लोग पंडित नेहरू की जीवनी और उनके कार्यों के बारे में पढ़ें, जानें और उन्हें अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें। पंडित नेहरू ने नये और आधुनिक भारत की नींव रखी, उन्होंने भारी कल-कारखानों, बांध, विज्ञान और तकनीक की शिक्षा के लिए आधुनिक संस्थानों की स्थापना की। आज इन्हीं संस्थाओं में हमारे देश के नौनिहालों का भविष्य संवर रहा है और देश तथा दुनिया को बड़े-बड़े डॉक्टर, इंजीनियर और विशेषज्ञ मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने लोकवाणी में “उद्यमिता और जनसशक्तिकरण का छत्तीसगढ़ मॉडल” विषय पर कहा कि हमने आजीविका को मजबूत करने और जनता के हाथों में स्वाभिमान से लेकर आर्थिक ताकत सौंपने की जो रणनीति अपनाई, वही छत्तीसगढ़ मॉडल के रूप में हमारी पहचान बनी है। हमने दिखावटी विकास की दौड़ से अपने आपको अलग रखा और बुनियादी बातों पर ध्यान दिया, जिससे प्रदेश में आजीविका और जीवन स्तर उन्नयन के स्थाई साधनों का निर्माण हो रहा है। लोकवाणी कार्यक्रम को सुनने एमआईसी सदस्य श्री संजय देवांगन,श्री रमेश भगत, श्री संजय चौहान, श्रीमती अनुपमा शाखा यादव,एल्डरमेन श्री वसीम खान,उपायुक्त श्री सुतीक्षण यादव, कार्यपालन अभियंता श्री नित्यानंद उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधिगण निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
आजीविका और रोजगार के लिए नवाचारों की चर्चा लोकवाणी में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने स्थानीय स्तर पर लोगों को आजीविका और रोजगार के नये नये अवसर पैदा करने के लिए किए जा रहे नवाचारों की भी विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गांव खुशहाल होंगे तभी शहर में समृद्धि आएगी। छत्तीसगढ़ के विकास का यही रास्ता है। छत्तीसगढ़ मॉडल की सफलता का यही पैमाना है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विकास के परम्परागत मॉडल, पंडित नेहरू के आधुनिक मॉडल, श्रीमती इंदिरा गांधी के दृढ़ इच्छाशक्ति के मॉडल और राजीव गांधी के टेक्नॉलाजी से बदलाव के मॉडल के प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी की तस्वीर बदलने, गांवों में नए संसाधनों से, नई तकनीक से खेती करने और परंपरागत •आजीविका में सुधार की जो पहल की गई उनको सफलता मिली अब गांव-गांव से खेती के नए तरीकों की खबरें आ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़िया अभिमान और स्वाभिमान को पुनर्जीवित करने के लिए कदम उठाए। हरेली, तीजा-पोरा, कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस और छठ पूजा पर सार्वजनिक अवकाश से जनजीवन में सकारात्मक संदेश पहुंचा है। छत्तीसगढ़ आज भी कृषि की बहुलता वाला प्रदेश है, यहां की माटी में नई फसल के साथ दान का महत्व भी समाहित है, इसलिए छेरछेरा पुन्नी शाकंभरी जयंती के लिए अवकाश की घोषणा की गई है,
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ सर्वधर्म समभाव का गढ़ बना रहे। कोई भी समाज विरोधी तत्व हमारे प्रदेश के सद्भाव की ओर बुरी नजर से देख भी न पाए, इसके लिए मैंने प्रशासन को सचेत किया है। साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को हम किसी भी हालत में न तो नजरअंदाज करेंगे और न ही बख्शेंगे। सामाजिक समरसता और सभी धर्मों में एकता हमारी ताकत है और उसे बनाए रखने के लिए, सबके लिए सम्मान बनाए रखने के लिए, हम सबको मिल जुलकर प्रयास करना है।
महापौर जानकी काट्जू ने बताया कि लोकवाणी में “उद्यमिता और जनसशक्तिकरण का छत्तीसगढ़ मॉडल” विषय अंतर्गत आजीविका को मजबूत करने और जनता के हाथों में स्वाभिमान से लेकर आर्थिक ताकत सौंपने की जो रणनीति अपनाई, वही छत्तीसगढ़ मॉडल के रूप में हमारी पहचान बनी है।छतीसगढ़ सरकार की महत्वाकांछी योजना नरवा गरवा घुरवा बारी से आज पूरे राज्य में रोजगार के सुअवसर प्राप्त हुए है ,रायगढ़ शहर के विकास की बात करे तो स्वच्छता दीदियों ने कबाड़ बेचकर 13लाख 50 हजार कमाए है।साथ ही वर्मी कम्पोष्ट खाद बेचकर उन्होंने लगभग 10 लाख रु एकत्रित किये है,जो जनसशक्तिकरण का सबसे अच्छा उदाहरण है,वही आर्थिक आय समृद्धता की पहचान होती है जो रायगढ़ में भी देखने को मिल रही है।

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