प्रांतीय वॉच

12 दिन के भीतर दूसरी बार तेज रफतार ट्रक ने मवेशियों के झुंड को रौंदा, पांच घंटे जाम रहा अंतरराज्यीय मार्ग

तिलकराम मंडावी/डोंगरगढ़ : दो राज्यों को जोड़नें वालें अंतरराज्यीय मार्ग में 12 दिन के भीतर दूसरी बार मवेषियों के झुंड में तेज रफतार ट्रक जा घुसी। षनिवार सुबह 11 बजें हुए हादसें में सात मवेषियों की मौके पर ही मौत हो गई। जिसके बाद गुस्साएं ग्रामीणों अंतरराज्यीय मार्ग को जाम कर दिया और आवाजाही पर रोक लगा दी। मुआवजा व ब्रेकर बनानें की मांग को लेकर ग्रामीण लामबंद हो गए। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटता देख राजनीतिक पार्टी के नेताओं की मौजूदगी भी दिखनें लगी। गुस्साएं ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक अंतरराज्यीय मार्ग को जाम रखा। बोरतलाव थाना के पनियाजोब फॉरेस्ट जांच नाका के पास सुबह लगभग 11 बजें ट्रक क्रमांक एमएच 40 सीडी 1135 का चालक मक्का भरकर महाराश्ट्र से छत्तीसगढ़ आ रहा था। तभी पनियाजोब फॉरेस्ट नाका के पास मवेषियों की झुंड निकल रही थी। चालक ने ट्रक की रफतार धीमी नहीं की और झुंड में घुसाकर कई मवेषियों को रौंदनें हुए आगें बढ़ गया। जिससें मौके पर ही सात मवेषियों की मौत हो गई। हादसें के बाद ट्रक चालक भागनें के फिराक में था लेकिन ग्रामीणों ने पकड़ लिया और जमकर धुनाई कर दी। जिसके बाद बोरतलाव पुलिस के जवान घटनास्थल पहुंचें और ड्राइवर को भीड़ से निकालकर डोंगरगढ़ हॉस्पिटल पहुंचे। ग्रामीण ट्रक को आग लगानें की तैयारी में थे लेकिन पुलिस के पहुंचनें से सफल नहीं हो सकें। इधर हादसें के बाद गुस्साएं ग्रामीणों को रोकनें के लिए डोंगरगढ़ डिवीजन से पुलिस बल तत्काल बुलाएं गए और मोर्चा संभाला। जबकि तीन घंटे बाद जिलें से भी जवान पहुंचनें लगें। मृत मवेषियों का पोस्टमार्टम व घायलों का उपचार डॉ. कमल कुमार गुप्ता ने किया।


12 दिन के भीतर दूसरी बार उसी जगह पर हादसा- गौरतलब है कि 1 नवंबर को इसी जगह पर ही तेज रफतार ट्रक ने करीब 30 मवेषियों को रौंद दिया था। जिससें मौके पर 14 मवेषियों ने दम तोड़ दिया। षनिवार को 12 दिन के भीतर दूसरी बार हादसें के बाद ग्रामीणों का आक्रोष भड़क उठा और लकडि़यों को कांटकर अंतरराज्यीय मार्ग को जाम कर बैठ गए। ग्रामीण पांच लाख मुआवजा व ब्रेकर बनानें की मांग पर ही अड़े रहे। 12 दिन के भीतर ट्रकों के रफतार से 21 मवेषियों की मौत हो गई।
दोनों राज्य के राहगीर व ट्रक वालें हुए परेषान- अंतरराज्यीय मार्ग में जाम लगनें से पांच घंटे आवाजाही प्रभावित रही। मेन रोड में धरना पर ग्रामीण बैठ गए तो पुलिस ने वैकल्पिक रास्तें से टैªफिक को डायवर्ट किया। जिसके बाद ग्रामीण फिर आक्रोषित हो गए और फॉरेस्ट नाका के सामनें ही धरनें पर बैठकर सभी ओर से आवाजाही को बाधित कर दिया। जिससें महाराश्ट्र व छत्तीसगढ़ दोनों ओर के राहगीर परेषान होते रहे। वहीं दोनों ओर ट्रकों की लंबी कतार लग गई। षाम 4 बजें समझौता होनें के बाद आवाजाही षुरू कराई गई।
टोल व दूरी बचानें दौड़ रहे भारी वाहन- सरकार की ओर से इसे स्टेट हाइवे का दर्जा तो नहीं मिला है, लेकिन छग व महाराश्ट्र के लिए सुगम व सुलभ मार्ग है। लेकिन भारी वाहन चालक नेषनल हाइवे में टोल प्लाजा, बैरियर व लंबी दूरी से बचनें के लिए इसी रास्तें का प्रयोग करतें है। जिस वजह से इस मार्ग में बड़े-बड़े प्रतिबंधित वाहन 24 घंटे तेज रफतार से दौड़ रहे है। इन वाहनों को रोकनें के लिए पुलिस भी सख्त कदम नहीं उठा रही। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिबंधित गाडि़यों को बॉर्डर पुलिस पैसे लेकर आनें-जानें देती है। जबकि हैवी टैªफिक का दबाव इस रोड पर बढ़ रहा है। इसे रोकनें किसी तरह का कदम नहीं उठाया जा रहा है।
हादसें की खबर के बाद राजनीतिक नेता भी पहुंचें- 12 दिन के भीतर दूसरी बार मवेषियों के झुंड को रौंदे जानें की खबर मिलनें ही विपक्षी राजनीतिक दल के नेता भी पहुंचनें लगें। सड़क जाम कर बैठे ग्रामीणों का समर्थन करतें हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जोगी कांग्रेस के युवा नेता नवीन अग्रवाल, भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष प्रषांत कोडापे, एलबी नगर मंडल अध्यक्ष बोधीराम साहू, भाजयुमो एलबी नगर मंडल अध्यक्ष भोजराज वर्मा सहित विपक्षी पार्टी के नेता व कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों की मांग को जायज बतों हुए धरना दिया।
षाम 4 बजें के बाद आवाजाही सुचारू हो गई- बोरतलाव थाना प्रभारी अब्दुल समीर ने बताया कि प्रषासनिक अफसरों ने ट्रक मालिक व ग्रामीणों के बीच मध्यस्थता कर प्रभावित मवेषी मालिकों को मुआवजा दिलाया। घटना के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई थी। ट्रक चालक को ग्रामीणों की भीड़ से निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया। षाम 4 बजें के बाद आवाजाही सुचारू हो गई।
फोटो डीजीजी 01 मुआवजा व ब्रेकर बनानें की मांग को लेकर अंतराज्यीय मार्ग में धरनें पर बैठ गए ग्रामीण।

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