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प्रदेश सरकार और कांग्रेस के परस्पर विरोधाभासी बयान धान ख़रीदी से बचने की साजिशाना कोशिश : भाजपा

  • भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी शर्माा ने प्रदेश सरकार और कांग्रेस पर साधा निशाना- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने जुलाई में ही प्रदेश सरकार को आग़ाह कर दिया था तो व्यवस्था क्यों नहीं की?
  • भाजपा को केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की बचकानी सलाह देने वालों को पता रहे कि बारदानों की व्यवस्था करना प्रदेश सरकार का दायित्व है, उन्होंने अपनी प्रदेश सरकार पर दबाव क्यों नहीं बनाया?

राजिम : भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा ने धान ख़रीदी को लेकर प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैए पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है कि घोर किसान-विरोधी प्रदेश सरकार इस बार फिर किसानों का धान ख़रीदने से बचने के लिए बहानेबाजी, षड्यंत्र और प्रलाप करके आनाकानी पर आमादा है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस के नेताओं के परस्पर विरोधाभासी बयान साफ़ करते हैं कि धान ख़रीदी को लेकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस नेता एक बार फिर रोना-धोना मचाने लगे हैं।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी श्री शर्मा ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल धान ख़रीदी को लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ झूठ फैलाते हैं तो उनकी ही सरकार के प्रवक्ता व मंत्री अपने दम पर धान ख़रीदी की बात करते हैं। प्रदेश के किसानों के हितों की चिंता कर केंद्र सरकार ने इस वर्ष जब 60.65 लाख मीटरिक टन चावल केंद्रीय पूल में लेने की सहमति दे दी तो प्रदेश सरकार और कांग्रेस अब उसना चावल के नाम पर रोना-धोना मचाने लगी है। श्री शर्मा ने कहा कि जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने ख़रीफ़ सत्र की शुरुआत के साथ जुलाई में ही प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर धान ख़रीदी के तमाम इंतज़ाम दुरुस्त करने और बारदानों की पर्याप्त ख़रीदी कर लेने के लिए आग़ाह कर दिया था तो प्रदेश सरकार ने समय रहते इस दिशा में पहल क्यों नहीं की? अब बारदानों की आपूर्ति को लेकर प्रदेश सरकार अपना दोष किस पर मढ़ रही है? अपनी विफलताओं का ठीकरा हर बार दूसरों के सिर फोड़ने की बुरी लत से प्रदेश सरकार और कांग्रेस बाज आए।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी श्री शर्मा ने बारदानों को लेकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस प्रवक्ताओं के परस्पर विरोधाभासी बयान धान ख़रीदी को लेकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस की बदनीयती ज़ाहिर कर रहे हैं। एक ओर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व मंत्री मो. अक़बर दावा कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार धान ख़रीदी के लिए बारदाने की कमी नहीं होने देगी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता बारदानों की कमी नहीं होने देने की बात कर रहे हैं तो कांग्रेस के प्रवक्ता भाजपा को बारदाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की बचकानी सलाह दे रहे हैं। बारदानों की व्यवस्था करना प्रदेश सरकार का दायित्व है तो फिर कांग्रेस ने अपनी प्रदेश सरकार पर तमाम इंतज़ाम दुरुस्त करने का दबाव क्यों नहीं बनाया? किसान मोर्चा प्रभारी संदीप शर्मा ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि सेंट्रल पुल से जितना बारदाना दिया जाएगा उसकी जानकारी जूट कमिश्नर द्वारा राज्य को दे दी गयी है, इसके लिए संबंधित जूट मिल के अग्रिम राशि जमा की गई कि नही ?, भूपेश सरकार को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए, दूसरी तरफ लक्ष्य की पूर्ति के लिये अवश्यक जो 3 लाख गठान की व्यवस्था राज्य सरकार को करना है उस पर क्या किया गया? सितंबर महीने में मात्र 48 हजार गठन का टेंडर निकाल कर यह सरकार कुम्भकर्णी नींद में सोई है। श्री शर्माा ने कहा कि बदनीयती और कुनीतियों के चलते कांग्रेस और प्रदेश सरकार के बयानों को इसीलिए प्रदेश की जनता क़तई गंभीरता से नहीं लेती क्योंकि प्रदेश की जनता जान चुकी है कि कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार काम नहीं करती बल्कि झूठ का रायता ही फैलाती है।

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