क्राइम वॉच

छत्तीसगढ़ में पकड़ाया 25 लाख का गांजा, ओडिशा के तस्कर पिकअप में गुप्त चेंबर बनाकर ले जा रहे थे, 2 गिरफ्तार

कवर्धा : पुलिस ने लाखों रुपए का गांजा पकड़ा है। पुलिस ने इस बार तस्करों से 25 लाख रुपए का गांजा जब्त किया है। 2 तस्कर बड़े ही चालाकी से पिकअप में गुप्त चेंबर में छिपाकर गांजा ले जा रहे थे। जिसे कवर्धा जिले की चिल्फी पुलिस ने पकड़ लिया है। दोनों से 123 पैकेट में 128 किलो गांजा बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया है कि दोनों ही आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं।द रअसल, चिल्फी पुलिस को गुरुवार को सूचना मिली थी कि कुछ गांजा तस्कर रायपुर होते हुए कवर्धा की ओर आ रहे हैं। जिन्होंने गाड़ी में गांजा छिपाया हुआ है। इसी बात के मद्देनजर चिल्फी पुलिस की टीम मौके पर रवाना हो गई और आने-जाने वाली वाहनों की जांच करने लगी। पुलिस की टीम जांच कर ही रही थी कि पुलिस को एक पिकअप दिखी, जिसमें 2 लोग सवार थे। इसके बाद पुलिस ने पिकअप को रोक लिया और पिकअप सवार लोगों से पूछताछ करने लगी। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे ओडिशा के रहने वाले हैं। वाहन चालक ने अपना नाम अश्वनी कुमार दीगर(28) और गाड़ी में बैठे दूसरे शख्स ने अपना नाम जतन दीगर बताया।

लोहे की चादर से चेंबर को छिपाया

इस पर पुलिस पिकअप गाड़ी की तलाशी लेने लगी, जहां पुलिस को एक गुप्त चेंबर मिला। जिसे लोहे के चादर से वेल्डिंग कराकर छिपाया गया था। पुलिस ने उस चेंबर को देखते ही उसे खोला दिया, जिसमें 123 पैकेट गांजा, अलग-अलग बोरियां में बंधा हुआ रखा हुआ था। पुलिस ने इन पैकेट्स की जांच की तो ये 128 किलो का निकला। इसके बाद दोनों आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और वाहन को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है।

लगातार आ रहे इस तरह के मामले

प्रदेश में इस तरह से गांजा तस्करी का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ओडिशा के ही तस्कर अलग-अलग जिलों से पकड़ाते रहे हैं। खासकर चिल्फी घाटी,महासमुंद, जगदलपुर में इस तरह से तस्करों के पकड़ने के मामले ज्यादा आए हैं। यही वजह है कि जगदलपुर में पुलिस ने कुछ दिन पहले मोबाइल चेक पोस्ट लगाकर गांजा तस्करों को पकड़ा था।

हर साल 600 करोड़ का गांजा CG के रास्ते ही जाता है

पिछले दिनों इस बात का पता चला है कि ओडिशा और आंध्रप्रदेश से जो गांजा देश भर के 17 राज्यों में पहुंचता है, उसकी तस्करी के लिए छत्तीसगढ़ के 14 रास्तों का प्रयोग तस्कर करते हैं। ये वो रास्ते हैं, जहां से हर साल 600 करोड़ रुपए कीमत का गांजा देश के अलग-अलग राज्यों तक पहुंचता है। इसमें उत्तर प्रदेश जाने के लिए तस्कर ओडिशा-जगदलपुर सीमा का इस्तेमाल भी करते हैं। एनएच-63 ओडिशा, छग को सीधे जोड़ता है। बस्तर पुलिस ओडिशा से निकलने वाले गांजे को बॉर्डर पर नगरनार के पास ही पकड़ती है।

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