आफ़ताब आलम/बलरामपुर : राज्य सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश के तहत आईएएस कुन्दन कुमार ने 29 सितम्बर पूर्वान्ह बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया। उन्हें प्रभारी कलेक्टर व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रीता यादव ने जिले के कलेक्टर का प्रभार सौंपा। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रीता यादव एवं जिला कार्यालय के अधिकारियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। नव पदस्थ कलेक्टर कुन्दन 2014 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। इसके पूर्व वे मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा के पद पर पदस्थ थे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एस.एस. पैंकरा, डिप्टी कलेक्टर दीपक कुमार निकुंज, गौतम सिंह, जिला कोषालय अधिकारी संतोष सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
विरेन्द्रनगर में विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो समुदाय से मिले नवपदस्थ कलेक्टर
- समाधान व स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य, मुलभूत आवश्यकताओं एवं समस्याओं के संबंध में ली जानकारी
- समुदाय के लोगों को प्रशासन की ओर से दी जाएगी हर संभव मदद: कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार
नवपदस्थ कलेक्टर कुन्दन कुमार ने पदभार ग्रहण करने के पश्चात विकासखण्ड वाड्रफनगर के विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य ग्राम पंचायत विरेन्द्रनगर में आयोजित समाधान व स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो समुदाय से मुलाकात कर स्वास्थ्य, मुलभूत आवश्यकताओं एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पण्डो समुदाय के लोगों से प्रशासन की ओर से हर संभव मदद करने की बात कही।
कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति को जागरूक करने के लिए उनके ही समुदाय के पढ़े-लिखे एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को आगे लाने की बात कही। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी से विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्र में विभाग के मण्डल संयोजक व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने को कहा। कलेक्टर ने विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी को विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के एक-एक व्यक्तियों का स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिये। सभी व्यक्तियों का हेल्थ प्रोफाईल तैयार करने कहा जिसमें खून, पेशाब, हीमोग्लोबीन आदि की जांच किये जाएं। इससे ग्रामीणों की बीमारियों के बारे में पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति की तबीयत खराब होती है, तो उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें। साथ ही यथासंभव प्रत्येक माह या आवश्यकता पड़ने पर सप्ताह में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिये। विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य वाले इलाकों के लिए कलस्टर बनाकर विशेष एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाये ताकि आपात स्थिति में समय पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा सके। कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को क्षेत्र की घटना अथवा अन्य जानकारी शीघ्र प्राप्त करने के लिये जिला, विकासखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आपातकालीन सेल गठित करने को कहा।
इसी प्रकार कलेक्टर ने ग्राम बैकुण्ठपुर में भी विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के सदस्यों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं ग्रामीणों ने बताया कि गांव में टी.बी. और शुगर तथा लिवर की समस्या से पीड़ित मरीज हैं। कलेक्टर ने विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी से ऐसे सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर शीघ्र उचित स्वास्थ्य सुविधा प्रदाय करने को कहा। ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र में दूषित पेयजल के संबंध में जानकारी देने पर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी से क्षेत्र के सभी हैण्डपम्प के पानी का जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने एवं पानी के समस्या को निराकरण करने को कहा, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्राप्त हो सके।
इस दौरान जिला पंचायत केे मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रीता यादव, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री विशाल महाराणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बसंत सिंह, सहायक आयुक्त आदिवासी श्री आर.के. शर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री यू.के. राठिया, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एक्का, विकासखण्ड स्तर के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

