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दिल्‍ली में 1 अक्‍टूबर से निजी दुकानों पर नहीं मिलेगी शराब, 17 नवंबर से लागू होगी नई नीति, सरकार को होगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति (New Excise Policy) को लागू करने की कवायद तेज कर दी है. इसके तहत 1 अक्‍टूबर से शराब की सभी प्राईवेट दुकानें हमेशा की ल‍िए बंद कर दी जाएंगी. वहीं, निजी वेंडरों द्वारा शराब की खुदरा बिक्री के लिए नया लाइसेंस 17 नवंबर से अमल में आ जाएगा. इसके साथ ही सरकार खुदरा शराब करोबार से निकल जाएगी. बता दें कि राजधानी में कुल 850 खुदरा शराब दुकानों (Liquor Shops) में से करीब 60 फीसदी दुकानें दिल्ली सरकार की एजेंसियों द्वारा संचालित हैं, जहां शराब खरीदने का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहता है. इसी वजह सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा कि पुरानी नीति के तहत बिक्री की जा रही शराब के दुकानों को धीरे-धीरे वाइंड अप किया जाएगा.

इसके अलावा मनीष सिसोदिया ने कहा कि नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली को 32 जोन में बांटकर लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इससे दिल्‍ली सरकार को करीब दस हजार करोड़ का फायदा होगा. जबकि इससे पहले दिल्‍ली सरकार के आबकारी विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 2021-22 के लिए पुराने आबकारी लाइसेंस से नये लाइसेंस की नीति की ओर सुगम बदलाव और राजधानीवासियों को शराब की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी होलसेल लाइसेंस 30 सितम्बर के बाद 16 नवंबर (अर्थात नई आबकारी नीति के तहत नये लाइसेंस के साथ कारोबार शुरू करने की तारीख से एक दिन पहले) तक मान्य रहेंगे. वहीं, आदेश में यह भी कहा गया है कि इस अवधि के दौरान खुदरा बिक्री के लिए भी शराब की सभी सरकारी दुकानें चलती रहेंगी.

सरकार ने बढ़ाई लाइसेंस की अवधि
इसके अलावा आदेश में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति 2021-22 को मंजूरी दी है, जिसके तहत नये रिटेल लाइसेंस 17 नवंबर से शुरू होंगे. वहीं, दिल्‍ली सरकार ने शराब परोसने वाले होटलों, क्लबों और रेस्तराओं में भी लाइसेंस की अवधि बढ़ा दी है. आदेश में कहा गया है कि सभी एचसीआर (होटल, क्लब, रेस्तरां) के लाइसेंस अपने परिसर में शराब परोसने के लिए 30 सितंबर 2021 के बाद 16 नवंबर 2021 तक जारी रहेंगे.

नई आबकारी नीति से सरकार को होगा बड़ा फायदा
नई आबकारी नीति राजधानी में शराब कारोबार में बदलाव लाने और सरकार को अत्यधिक राजस्व दिलाने के लिहाज से लाई जा रही है. फिलहाल, राजधानी दिल्‍ली में कुल 850 खुदरा शराब दुकानों में से करीब 60 फीसदी दुकानें दिल्ली सरकार की एजेंसियों द्वारा संचालित हैं, जहां शराब खरीदने का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहता है. सरकारी शराब की दुकानें निजी दुकानों की तुलना में कम राजस्व देती हैं. नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली को 32 खुदरा जोन में बांटा गया है, जिनमें से 20 की नीलामी हो चुकी है. पिछले महीने सरकार ने इन 20 खुदरा जोन के लिए निकाले गए ड्रॉ के शुरुआती राउंड से कम से कम 5300 करोड़ रुपये कमाए हैं. शेष 12 जोन की नीलामी प्रक्रिया जारी है. एक सूत्र ने बताया कि इनकी बोली अगले सप्ताह लगने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक, नई आबकारी नीति से सरकार के रेवेन्यू में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी.

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