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चंदूलाल मेडिकल कॉलेज के किसी भी बकाये का भुगतान नहीं करेगी सरकार, अधिग्रहण संबंधी अधिनियम का राजपत्र में प्रकाशन

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रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अधिग्रहित किए गए चंदुलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के अधिग्रहण के लिए बनाए अधिनियम में सरकार ने साफ किया है कि इस कॉलेज की समस्त संपत्तियां सभी अधिभार से मुक्त होकर सरकार में निहित होगी। यही नहीं अधिग्रहण से पहले इस कॉलेज के मालिकों पर किसी भी जीवित या विधिक व्यक्ति को किसी भी देयता के लिए सरकार कोई भुगतान नहीं करेगी। राज्य सरकार द्वारा कॉलेज के अधिग्रहण के सिलसिले में बनाए गए अधिनियम में यह बात कही गई है। इस अधिनियम का राजपत्र में प्रकाशन किया गया है। कॉलेज का प्रशासन, नियंत्रण एवं समस्त चल एवं अचल संपत्तियों का कब्जा इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर कंपनी अधिनियम के तहत सरकार को सौंप दिया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेज के अस्पताल और समस्त आस्तियों, स्वत्वों एवं हितों के साथ सरकार में निहित हो जाएगा। इसके संबंध में किसी व्यक्ति, जीवित या न्यायिक व्यक्ति, कंपनी अंशधारक या किसी अन्य संस्था का स्वत्व कब्जा एवं अन्य संस्था का स्वत्व, कब्जा एवं हित भी समाप्त हो जाएगा।

न्यायालय का आदेश डिक्री भी समाप्त

अधिनियम में कहा गया है कि सरकार में निहित संस्थान के संबंध में तत्समय प्रवृत किसी अन्य विधि, किसी न्यायालय के आदेश या निर्णय या डिक्री अथवा किसी संविदा या अन्य दस्तावेज में किसी बात के होते हुए भी इस अधिनियम के प्रारंभ होते ही समाप्त माने जाएंगे। साथ ही किसी भी कंपनी, समिति, व्यक्ति जीवित या न्यायिक, या किसी संस्था का प्रशासन और प्रबंधन समाप्त माना जाएगा।

मालिकों पर बनी रहेगी देयताएं

कॉलेज के सरकार में निहित होने से पहले की देयताएं उसके पूर्व के स्वामियों की देयताएं बनीं रहेंगी। विधि की समान्य प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ऋणदाताओं द्वारा उनकी वसूली पूर्व स्वामियों से की जा सकेंगी। किंतु शासन से कालेज को लेकर कोई भी देयता बकाया नहीं होगी। सरकार किसी अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं करेगी।

अधिनियम राजपत्र में प्रकाशित

चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज से संबंधित अधिनियम का प्रकाशन राजपत्र में किया जा चुका है। कॉलेज को आधिपत्य में लेने के बाद अब कॉलेज की चल अचल संपत्तियों को सूचीबद्ध कर रहे हैं, यह सूची जल्द शासन को भेजी जाएगी।

-बीबी पंचभाई, ओएसडी, लिंक अफसर

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