सुनील नार्गव/मुंगेली : छत्तीसगढ़ में पढ़ई तुम्हर दुआर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित होते हुए लगभग डेढ़ साल पूर्ण होने वाला है। इस दौरान इस महत्वकांक्षी कार्यक्रम ने बहुत सारी उपलब्धियां प्राप्त की है। छत्तीसगढ़ शासन का यह एजुकेशन पोर्टल कोरोना काल में बच्चों एवं शिक्षकों के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस पोर्टल के माध्यम से बच्चों एवं शिक्षकों ने घर बैठे सुरक्षित ढंग से सीखना सिखाना जारी रख सके। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, बच्चों एवं अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस पोर्टल में एक विशेष कॉलम बनाया गया है। इसी लोकप्रिय कॉलम में शासकीय प्राथमिक शाला धनगांव गोसाई विकासखंड मुंगेली के शिक्षक गोविंद पटेल को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बाल वाटिका के बच्चों के सीखने हेतु विकासात्मक लक्ष्य को ध्यान में रखकर वर्कशीट बनाते हुए उत्कृष्ट गतिविधियां का निर्माण करने पर हमारे नायक में स्थान मिला। बाल वाटिका के बच्चे ही 6 साल पूर्ण होने पर प्राथमिक शाला में आते हैं। इसलिए यदि इन बच्चों को प्राथमिक शाला आने के पूर्व ही विभिन्न रोचक मनोरंजक रूचिपूर्ण शैक्षिक गतिविधियों के द्वारा खेल खेल में शिक्षा दी जाए तो बाल वाटिका के बच्चों की मानसिक एवं शारीरिक विकास में मदद मिलेगी। क्योंकि 3 से 5 वर्ष के उम्र में बच्चों में अनुकरण करने की भावना तीव्र होती है। इस उम्र में बच्चे जल्दी जल्दी सीखते हैं। श्री पटेल ने बताया कि उनके द्वारा जो वर्कशीट बनाया गया है उसमें इन सब उद्देश्यों की पूर्ति होती है। वर्कशीट में बताए गए गतिविधियों को कराने से बच्चों की सर्वांगीण विकास होगी। विकास खंड शिक्षा अधिकारी डॉ प्रतिभा मंडलोई, बीआरसीसी डी. सी. डाहिरे, संकुल प्राचार्य मदनलाल मेहर, संकुल शैक्षिक समन्वयक सतीश साहू एवं उमेश कश्यप इन सभी अधिकारियों का विशेष मार्गदर्शन सहयोग से मिला। मिडिल स्कूल धनगांव गोसाई संस्था प्रमुख धर्मेंद्र कश्यप एवं प्रभारी प्रधान पाठक धनगांव गोसाई मुरलीधर चंद्राकर, शिक्षिका कन्याकुमारी पटेल एवं अन्य सहयोगी शिक्षकों ने शिक्षक पटेल के निरंतर नवाचार करते हुए दूसरी बार हमारे नायक में स्थान पाकर जिले के गौरव बढ़ाने पर हर्ष व्यक्त किए हैं।
धनगांव गोसाई के शिक्षक गोविंद पटेल को मिला हमारे नायक में स्थान

