अक्कू रिजवी/कांकेर : जल संसाधन संभाग कांकेर के अंतर्गत विगत 02 वर्षों में 12 सिंचाई योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें से 06 योजनायें क्रमशः सेन्दारनाला व्यपवर्तन का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य, मैनखेड़ा तालाब, डोकला तालाब, हल्बा व्यपवर्तन, चावड़ी फिडर तालाब एवं ढोरदे तालाब का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य, जो अपने रूपांकित सिंचाई क्षमता से कम सिंचाई कर रही थीं, उनका जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति शासन से प्राप्त होने उपरांत पूर्ण किया गया है, इन सभी 06 योजनाओं में रूपांकित सिंचाई क्षमता से 1585 हेक्टेयर सिंचाई कम हो रही थी। जीर्णोंद्धार एवं नहर लाईनिंग पश्चात् इसकी कमी की पूर्ति की गई है। लाईनिंग कार्य होने से पानी के अपव्यय को भी रोका जा सका, जिसके फलस्वरूप पानी खेतों के अंतिम छोर तक पहुंचाया जा सका है। इसी प्रकार 06 एनीकट, स्टॉपडेम धनगुडरा स्टापडेम, छोटेकापसी स्टॉपडेम, मरकाटोला स्टॉपडेम, कसावाही स्टापडेम, घोड़ागांव स्टॉपडेम एवं नाथिया नवागांव एनीकट का कार्य पूर्ण किया गया, इनसे 538 हेक्टेयर सिंचाई निर्मित की गई। इन योजनाओं के निर्माण से निकटस्थ ग्रामवासिंयों को पेयजल एवं निस्तार की सुविधा मुहैया कराई गई, साथ ही भू-जल संवर्धन में वृद्वि हुई है।
जल संसाधन संभाग कांकेर के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि आगामी एक वर्षों में 17 योजनाओं का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य कराया जाना प्रस्तावित है, इनमें मुड़पार व्यपवर्तन, अरौद उद्धवहन, खैरखेड़ा तालाब, पी.व्ही. 42 तालाब, पी.व्ही. 53 तालाब, जयराम पारा तालाब, पी.व्ही. 21 तालाब, बिरनपुर तालाब, डुमरपानी व्यपवर्तन, मानिकपुर तालाब, हाराडुला उदवहन, पी.व्ही. 77 तालाब, बांधापारा तालाब, नेलचांग तालाब, पी.व्ही. 26 तालाब एवं पलाचुर तालाब जीर्णांद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति शासन से प्राप्त हो चुकी है, इनमें से 09 कार्य प्रगति पर है तथा शेष कार्य को प्रारंभ किया जाना है, इन कार्यों के पूर्ण होने से 02 हजार 375 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई कमी की पूर्ति होगी। उन्होंने बताया कि दूध नदी बाढ़ नियंत्रण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिसके तहत कांकेर शहर के पुराना बस स्टैण्ड के पास निर्मित स्टाप डैम के अपस्ट्रीम में नदी के दोनां तरफ रिटेनिंग वॉल निर्माण कार्य किया जाना प्रस्तावित है, इसके निर्माण से कांकेर शहर में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
च्वाईस सेंटरों के माध्यम से निःशुल्क आयुष्मान कार्ड
बनाने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत जिले के च्वॉईस सेंटरों के माध्यम से छूटे हुए एस.ई.सी.सी. परिवारों, अन्त्योदय, प्राथमिकता एवं ए.पी.एल राशन कार्डधारी परिवारों, हितग्राहियों का पात्रतानुसार आयुष्मान कार्ड निःशुल्क पंजीयन, बनाये जा रहे हैं, जो 30 सितम्बर तक चलेगी तथा पूर्व में च्वॉईस सेंटरों के माध्यम बनाये गये आयुष्मान कार्ड का वितरण भी जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने बताया कि कांकेर जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु 9 लाख 17 हजार 453 हितग्राहियों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 4 लाख 97 हजार 567 हितग्राहियों के कार्ड बनाये जा चुके हैं। विकासखण्ड अंतागढ़ में 41 हजार 702, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में 64 हजार 782, चारामा विकासखण्ड में 77 हजार 440, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड में 39 हजार 889, कांकेर विकासखण्ड में 82 हजार 832, कोयलीबेड़ा विकासखण्ड में 01 लाख 14 हजार 658 एवं नरहरपुर विकासखण्ड में 76 हजार 264 आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने जिले के पात्र हितग्राहियों से अपील किया है कि जिन्होंने अब तक अपना तथा अपने परिवार का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंजीयन नहीं करवा पाये हैं, वे अपना राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं मोबाईल नंबर लेकर अपने नजदीकी च्वॉईस सेंटर में जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंजीयन करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से आपातकालीन अथवा जरूरत के आधार पर जिले, राज्य एवं राज्य के बाहर पंजीकृत अथवा सूचीबद्ध शासकीय एवं निजी अस्पताल में भर्ती होकर 50 हजार या 5 लाख रूपये प्रतिवर्ष पात्रतानुसार स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

